राष्ट्रीय

गैस एजेंसियों में जटिल होती ई-केवाईसी प्रक्रिया

Vipin Joshi – swarswatantra.in उत्तराखंड, गरुड़ में इन दिनों गैस एजेंसियों में गैस उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी की प्रक्रिया कराई जा रही है। ताकि ग्राहक के खाते में गैस सिलेंडर का अनुदान आ सके. लेकिन यह प्रक्रिया बड़ी जटिल होती जा रही है. दूर दराज गावों से महिलाएं, बुजुर्ग अपना सारा जरुरी काम छोड़ कर गैस

जल संकट: जाने अपनी नदियों को

Vipin Joshi – swarswatantra.in प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पानी के महत्व की जानकारी कैसे दें ? जल ही जीवन है कि सूक्ति को बच्चे रट तो लेते हैं क्या उसके गहरे अर्थ को समझते भी होंगे ? इसे समझना क्यों जरूरी है ? यह प्रश्न हो सकता है। इस मुददे के प्रति संवेदनशील हो

गरूड़ से मुनस्यार-जौहार: यात्रा वृतांत

swarswatantra.in / vpin joshi घूमने-फिरने का शौक और नई जगहों में जाकर उसे समझने का जूनून ही यात्रा प्रेमी बनाता है। एक दिन साथियों के साथ हुई अनौपचारिक बात-चीत में मुनस्यारी भ्रमण की योजना बनी। तय योजना के मुताबिक 22 नवम्बर 2015 को हम 7 सदस्य प्रातः 9ः30 बजे गरूड़ से रवाना हुए। सिमार के

जीवन संपदा और पर्यावरण : पुस्तक समीक्षा

जीवन संपदा और पर्यावरण संपादन – अनुपम मिश्र प्रकाशन – ज्योतिलोक प्रकाशन, दिल्ली समीक्षा – विपिन जोशी पुस्तक में है – देश के पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों का विशद और विविण भण्डार खतरें मंे हैं। पीढ़ियों से संरक्षित अनुवंशकों का भी क्षय हो चला है। इस जीवन संपदा के संवर्धन में जो कार्यक्रम चलाए जा रहे

हिमालयी समाज कि दिशा और दशा

Vipin Joshi– उत्तराखंड में पर्यावरण तेजी से बदल रहा है . कभी जलते जंगल तो कभी अचानक तेज बारिश और ओला वृष्टि साथ में बादलों का फटना ये सब हिमालय के लिए ठीक नहीं या कहें कि हिमालयी समाज के लिए ये मुखर होते बदलाव किसी बड़ी आपदा का संकेत हो सकते हैं . विगत

बाल लेखन कार्यशाला रानीखेत

Vipin Joshi सहयोग – उदय किरौला, लेखक, संपादक बाल कवि सम्मेलन में बच्चों ने सुनाई स्वरचित कविताएं रानीखेत में बाल लेखन कार्यशाला में बच्चों ने मचाई धूम . बाल साहित्य और रचनात्मक लेखन पर आधारित कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने सभी प्रतिभागी बच्चों को बैज लगाकर सम्मानित किया। बच्चों ने औरैगैमी के तहत अखबार

केविशील्ड की साइड इफैक्ट गाथा

Vipin Joshi/swarswatantra.in कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर दुनियां भर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। दुनियां के इन देशों ने तो कोविशील्ड वैैक्सीन को बैन भी कर दिया है। साइड इफैक्ट की खबरें आते ही भारत के लोक सभा चुनावों में राजनैतिक बयान तेज हो गए। विगत एक सप्ताह से सारे मीडिया प्लेट फाॅर्म में कोविशील्ड

लखनी गाॅव से कोक स्टूडियो : कमला देवी से एक मुलाकात

Vipin Joshi – swarswatantra.in उत्तराखण्ड, लखनी गाॅव से कोक स्टूडियो मुंबई तक का संघर्ष भरा सफर किसी लोक कलाकार के लिए बड़ी कामयाबी है। बागेश्वर जपनद के गरूड़ विकास खण्ड से 12 किमी की दूरी पर स्थित है लखनी गाॅव। सड़क मार्ग से समीप कमला देवी का आवास है। कमला देवी ने शायद ही कभी

कत्यूरी काल का प्राचीन किला लखनपुर

विपिन जोशी उत्तराखण्ड के चैखुटिया क्षेत्र में कत्यूरी शासन काल का ऐतिहासिक किला लखनपुर आज भी अपनी ऐतिहासिक थाती में कत्यूरी काल का स्वर्णिम इतिहास समेटे हुए है। चैखुटिया के युवाओं का एक दल टीम हिमगिरि के बैनर तले 5 मई 2024 को भाटकोट पुल चैखुटिया से लखनपुर के लिए रवाना हुआ। लगभग 12 किमी.

उत्तराखंड के धधकते जंगल : विपिन जोशी

उत्तराखंड अपनी अथाह प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। साथ में हिमालय की अपनी गरिमा और आस्था भी यहां कण कण में विराजमान है। लेकिन ग्रीशमकाल आते ही उत्तराखंड को न जाने किसकी नजर लग जाती हैं । किसी दौर में पर्यटकों के लिए मई और जून का सीजन टूरिस्ट सीजन के नाम से यहां

गैस एजेंसियों में जटिल होती ई-केवाईसी प्रक्रिया

Vipin Joshi – swarswatantra.in उत्तराखंड, गरुड़ में इन दिनों गैस एजेंसियों में गैस उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी की प्रक्रिया कराई जा रही है। ताकि ग्राहक के खाते में गैस सिलेंडर का अनुदान आ सके. लेकिन यह प्रक्रिया बड़ी जटिल होती जा रही है. दूर दराज गावों से महिलाएं, बुजुर्ग अपना सारा जरुरी काम छोड़ कर गैस

जल संकट: जाने अपनी नदियों को

Vipin Joshi – swarswatantra.in प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पानी के महत्व की जानकारी कैसे दें ? जल ही जीवन है कि सूक्ति को बच्चे रट तो लेते हैं क्या उसके गहरे अर्थ को समझते भी होंगे ? इसे समझना क्यों जरूरी है ? यह प्रश्न हो सकता है। इस मुददे के प्रति संवेदनशील हो

गरूड़ से मुनस्यार-जौहार: यात्रा वृतांत

swarswatantra.in / vpin joshi घूमने-फिरने का शौक और नई जगहों में जाकर उसे समझने का जूनून ही यात्रा प्रेमी बनाता है। एक दिन साथियों के साथ हुई अनौपचारिक बात-चीत में मुनस्यारी भ्रमण की योजना बनी। तय योजना के मुताबिक 22 नवम्बर 2015 को हम 7 सदस्य प्रातः 9ः30 बजे गरूड़ से रवाना हुए। सिमार के

जीवन संपदा और पर्यावरण : पुस्तक समीक्षा

जीवन संपदा और पर्यावरण संपादन – अनुपम मिश्र प्रकाशन – ज्योतिलोक प्रकाशन, दिल्ली समीक्षा – विपिन जोशी पुस्तक में है – देश के पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों का विशद और विविण भण्डार खतरें मंे हैं। पीढ़ियों से संरक्षित अनुवंशकों का भी क्षय हो चला है। इस जीवन संपदा के संवर्धन में जो कार्यक्रम चलाए जा रहे

हिमालयी समाज कि दिशा और दशा

Vipin Joshi– उत्तराखंड में पर्यावरण तेजी से बदल रहा है . कभी जलते जंगल तो कभी अचानक तेज बारिश और ओला वृष्टि साथ में बादलों का फटना ये सब हिमालय के लिए ठीक नहीं या कहें कि हिमालयी समाज के लिए ये मुखर होते बदलाव किसी बड़ी आपदा का संकेत हो सकते हैं . विगत

बाल लेखन कार्यशाला रानीखेत

Vipin Joshi सहयोग – उदय किरौला, लेखक, संपादक बाल कवि सम्मेलन में बच्चों ने सुनाई स्वरचित कविताएं रानीखेत में बाल लेखन कार्यशाला में बच्चों ने मचाई धूम . बाल साहित्य और रचनात्मक लेखन पर आधारित कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने सभी प्रतिभागी बच्चों को बैज लगाकर सम्मानित किया। बच्चों ने औरैगैमी के तहत अखबार

केविशील्ड की साइड इफैक्ट गाथा

Vipin Joshi/swarswatantra.in कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर दुनियां भर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। दुनियां के इन देशों ने तो कोविशील्ड वैैक्सीन को बैन भी कर दिया है। साइड इफैक्ट की खबरें आते ही भारत के लोक सभा चुनावों में राजनैतिक बयान तेज हो गए। विगत एक सप्ताह से सारे मीडिया प्लेट फाॅर्म में कोविशील्ड

लखनी गाॅव से कोक स्टूडियो : कमला देवी से एक मुलाकात

Vipin Joshi – swarswatantra.in उत्तराखण्ड, लखनी गाॅव से कोक स्टूडियो मुंबई तक का संघर्ष भरा सफर किसी लोक कलाकार के लिए बड़ी कामयाबी है। बागेश्वर जपनद के गरूड़ विकास खण्ड से 12 किमी की दूरी पर स्थित है लखनी गाॅव। सड़क मार्ग से समीप कमला देवी का आवास है। कमला देवी ने शायद ही कभी

कत्यूरी काल का प्राचीन किला लखनपुर

विपिन जोशी उत्तराखण्ड के चैखुटिया क्षेत्र में कत्यूरी शासन काल का ऐतिहासिक किला लखनपुर आज भी अपनी ऐतिहासिक थाती में कत्यूरी काल का स्वर्णिम इतिहास समेटे हुए है। चैखुटिया के युवाओं का एक दल टीम हिमगिरि के बैनर तले 5 मई 2024 को भाटकोट पुल चैखुटिया से लखनपुर के लिए रवाना हुआ। लगभग 12 किमी.

उत्तराखंड के धधकते जंगल : विपिन जोशी

उत्तराखंड अपनी अथाह प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। साथ में हिमालय की अपनी गरिमा और आस्था भी यहां कण कण में विराजमान है। लेकिन ग्रीशमकाल आते ही उत्तराखंड को न जाने किसकी नजर लग जाती हैं । किसी दौर में पर्यटकों के लिए मई और जून का सीजन टूरिस्ट सीजन के नाम से यहां