अंतराष्ट्रीय

ऐनी कार्सन को साहित्य का नोबेल

  साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2026: प्राचीन ग्रीक गाथाओं को समकालीन रंग-रूप देने वाली ऐनी कार्सन के नाम विपिन जोशी… विश्व साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार 2026’ की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कनाडाई कवयित्री, निबंधकार, अनुवादक और क्लासिकिस्ट ऐनी कार्सन को प्रदान किया

यातायात जाम की समस्या : कैंची धाम

कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात जाम की समस्या और व्यावहारिक समाधानों पर आधारित एक प्रभावशील एवं विचारोत्तेजक लेख आस्था का सम्मान और जनजीवन की सुगमता: कैंची धाम में ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान आवश्यक उत्तराखंड की शांत और अलौकिक वादियों में स्थित नीब करौरी बाबा का ‘कैंची धाम’ आज देश-विदेश के लाखों

गांधी केवल विचार नहीं, आचरण है

गांधी जयंती पर पद्मश्री राधा भट्ट से संवाद: “गांधी केवल विचार नहीं, आचरण हैं” — विपिन जोशी गांधी जयंती के अवसर पर पद्मश्री एवं ‘पहाड़ की गांधी’ नाम से विख्यात सुप्रसिद्ध गांधीवादी विचारक राधा भट्ट (राधा बहन) से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि आज के संदर्भ में भी गांधी जी के विचारों को जीया

87 हजार में बनाया ड्रोन किया कमाल

  दिहाड़ी मजदूर के बेटे का कमाल: 87 हजार में बनाया ड्रोन, रक्षा मंत्रालय ने मंजूर की ₹3.50 करोड़ की ग्रांट विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रतिभा अगर सही दिशा में मिले, तो आर्थिक तंगी कभी रास्ते का रोड़ा नहीं बनती। इसे साबित कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर

ग्लोबल वॉर्मिंग से इतर: क्यों बार-बार कराहता है हमारा हिमालय?

हिमालयी चेतावनी: नदियाँ बाँधने की भूल और नेपाल-उत्तराखंड आपदा का सच.  विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र नेपाल में आई हालिया आपदा बेहद दुखद है। कुछ समय पहले उत्तराखंड के हर्शील में आई आपदा की तस्वीरें भी लोगों ने देखी थीं। जनसंचार के इस युग में मानव त्रासदियों की झलकियां मिनटों में संसार भर में फैल जाती

गरुड़ (बागेश्वर) की बेटी ममता खाती को मिलेगा ‘हिमालय रत्न खेल पुरस्कार’

उत्तराखंड राज्य खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा: अभिनव देशवाल को खेल रत्न, गरुड़ पिंगलो की ममता खाती को मिलेगा हिमालय रत्न पुरस्कार. विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र  देहरादून/बागेश्वर। उत्तराखंड शासन ने वर्ष 2025 के लिए राज्य के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। देश और दुनिया के खेल मंचों पर उत्तराखंड का तिरंगा

कब जागेगा जिम्मेदार हुक्मरान?

  विपिन जोशी… फुलवाड़ी-खाईधार: ‘आजादी के दशकों बाद भी सड़क नहीं, तो कैसा विकास?’—छलावे और बहानों के खिलाफ फूटा जनता का आक्रोश! स्वतंत्रता दिवस का जश्न जहां पूरा देश मना रहा है, वहीं फुलवाड़ी, फुलाचौंरा, थलीधार, खाईंधार और ठांग धार की संघर्षरत जनता आज भी अपने बुनियादी हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर

गांधी से सोनम वांगचुंग तक: सत्ता का अहंकार

भारतीय इतिहास के प्रमुख अनशन और जन-आंदोलन: एक ऐतिहासिक दृष्टि विपिन जोशी भारतीय इतिहास में सत्ता के अहंकार और दमन के विरुद्ध अनशन (हंगर स्ट्राइक) हमेशा से तानाशाही को झुकाने का एक अचूक और शक्तिशाली माध्यम रहे हैं। जब-जब सरकारें बहरी हुई हैं, राष्ट्र के प्रबुद्ध और समर्पित आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर

प्रकृति मनुष्य पर निर्भर नहीं है : विश्व पर्यावरण दिवस

विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र … विश्व पर्यावरण दिवस न केवल एक वार्षिक आयोजन है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। 5 जून, 1974 को पहली बार मनाए गए इस दिवस की प्रासंगिकता आज के समय में पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यह दिन

मजदूर दिवस: संघर्ष, संकल्प और सवाल

मजदूर दिवस: संघर्ष का इतिहास और भारत में वर्तमान की हकीकत विपिन जोशी हर साल 1 मई को दुनिया भर में ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ या ‘मजदूर दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन केवल एक छुट्टी नहीं है, बल्कि लाल झंडों और गगनभेदी नारों के बीच उस ऐतिहासिक संघर्ष को याद करने का दिन है, जिसने

ऐनी कार्सन को साहित्य का नोबेल

  साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2026: प्राचीन ग्रीक गाथाओं को समकालीन रंग-रूप देने वाली ऐनी कार्सन के नाम विपिन जोशी… विश्व साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार 2026’ की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कनाडाई कवयित्री, निबंधकार, अनुवादक और क्लासिकिस्ट ऐनी कार्सन को प्रदान किया

यातायात जाम की समस्या : कैंची धाम

कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात जाम की समस्या और व्यावहारिक समाधानों पर आधारित एक प्रभावशील एवं विचारोत्तेजक लेख आस्था का सम्मान और जनजीवन की सुगमता: कैंची धाम में ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान आवश्यक उत्तराखंड की शांत और अलौकिक वादियों में स्थित नीब करौरी बाबा का ‘कैंची धाम’ आज देश-विदेश के लाखों

गांधी केवल विचार नहीं, आचरण है

गांधी जयंती पर पद्मश्री राधा भट्ट से संवाद: “गांधी केवल विचार नहीं, आचरण हैं” — विपिन जोशी गांधी जयंती के अवसर पर पद्मश्री एवं ‘पहाड़ की गांधी’ नाम से विख्यात सुप्रसिद्ध गांधीवादी विचारक राधा भट्ट (राधा बहन) से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि आज के संदर्भ में भी गांधी जी के विचारों को जीया

87 हजार में बनाया ड्रोन किया कमाल

  दिहाड़ी मजदूर के बेटे का कमाल: 87 हजार में बनाया ड्रोन, रक्षा मंत्रालय ने मंजूर की ₹3.50 करोड़ की ग्रांट विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रतिभा अगर सही दिशा में मिले, तो आर्थिक तंगी कभी रास्ते का रोड़ा नहीं बनती। इसे साबित कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर

ग्लोबल वॉर्मिंग से इतर: क्यों बार-बार कराहता है हमारा हिमालय?

हिमालयी चेतावनी: नदियाँ बाँधने की भूल और नेपाल-उत्तराखंड आपदा का सच.  विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र नेपाल में आई हालिया आपदा बेहद दुखद है। कुछ समय पहले उत्तराखंड के हर्शील में आई आपदा की तस्वीरें भी लोगों ने देखी थीं। जनसंचार के इस युग में मानव त्रासदियों की झलकियां मिनटों में संसार भर में फैल जाती

गरुड़ (बागेश्वर) की बेटी ममता खाती को मिलेगा ‘हिमालय रत्न खेल पुरस्कार’

उत्तराखंड राज्य खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा: अभिनव देशवाल को खेल रत्न, गरुड़ पिंगलो की ममता खाती को मिलेगा हिमालय रत्न पुरस्कार. विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र  देहरादून/बागेश्वर। उत्तराखंड शासन ने वर्ष 2025 के लिए राज्य के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। देश और दुनिया के खेल मंचों पर उत्तराखंड का तिरंगा

कब जागेगा जिम्मेदार हुक्मरान?

  विपिन जोशी… फुलवाड़ी-खाईधार: ‘आजादी के दशकों बाद भी सड़क नहीं, तो कैसा विकास?’—छलावे और बहानों के खिलाफ फूटा जनता का आक्रोश! स्वतंत्रता दिवस का जश्न जहां पूरा देश मना रहा है, वहीं फुलवाड़ी, फुलाचौंरा, थलीधार, खाईंधार और ठांग धार की संघर्षरत जनता आज भी अपने बुनियादी हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर

गांधी से सोनम वांगचुंग तक: सत्ता का अहंकार

भारतीय इतिहास के प्रमुख अनशन और जन-आंदोलन: एक ऐतिहासिक दृष्टि विपिन जोशी भारतीय इतिहास में सत्ता के अहंकार और दमन के विरुद्ध अनशन (हंगर स्ट्राइक) हमेशा से तानाशाही को झुकाने का एक अचूक और शक्तिशाली माध्यम रहे हैं। जब-जब सरकारें बहरी हुई हैं, राष्ट्र के प्रबुद्ध और समर्पित आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर

प्रकृति मनुष्य पर निर्भर नहीं है : विश्व पर्यावरण दिवस

विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र … विश्व पर्यावरण दिवस न केवल एक वार्षिक आयोजन है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। 5 जून, 1974 को पहली बार मनाए गए इस दिवस की प्रासंगिकता आज के समय में पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यह दिन

मजदूर दिवस: संघर्ष, संकल्प और सवाल

मजदूर दिवस: संघर्ष का इतिहास और भारत में वर्तमान की हकीकत विपिन जोशी हर साल 1 मई को दुनिया भर में ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ या ‘मजदूर दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन केवल एक छुट्टी नहीं है, बल्कि लाल झंडों और गगनभेदी नारों के बीच उस ऐतिहासिक संघर्ष को याद करने का दिन है, जिसने