राष्ट्रीय

पहाड़ का सीना चीरती बड़ी मशीने

Vipin Joshi उत्तराखण्ड के कपकोट विधानसभा क्षेत्र में कुछ इलाके खनन के लिए मशहूर हैं. एक यात्रा के दोरान रीमा क्षेत्र में ग्रामिणों से हुई बातचीत के आधार पर और खनन क्षेत्र का व्यापक अवलोकन करने के बाद कुछ महत्वपूर्ण बातें या कहें कि लोगों का आंतरिक दर्द जिसे वे साझा नहीं करना चाहते हैं

कोट भ्रामरी में होगा शत चंडी यज्ञ

Vipin Joshi कन्ठेस्वर महादेव के संस्थापक और बनारस सिद्ध अखाड़े के बम बाबा ने एक मुलाकात के दौरान बताया कि विश्व कल्याण और हिमालयी क्षेत्र में शांति और सद्भावना के लिए शक्ति पीठ कोट भ्रामरी मंदिर में दस दिवसीय शत चंडी यज्ञ का आयोजन सावन माह में किया जायेगा. बम बाबा ने सभी भक्तो से

उत्तराखण्ड के जल योद्धा

Vipin Joshi / www.swarswatantra.in उत्तराखण्ड कुछ सिपाही विगत तीन दशकों से पानी और जंगल को बचाने के साथ जंगल को बनाने की मुहिम में जुड़े हैं बागेश्वर गरूड़ के पर्यावरण विद व किसान जगदीश कुनियाल और शिक्षक एमसी काण्डपाल। दोनों की कार्य प्रवृति भिन्न होते हुए भी पर्यावरण के प्रति इनकी संवेदनशीलता प्रेरित करने को

आंधी में उड़ी घर की छत

Vipin Joshi जिन्दा रहने का संघर्ष अभी जारी है कैसे करू हर्षोउल्लास और प्यार की बातें , मेरे सामने टूटते दरकते घरों की कहानी मुह बाए खड़ी है. बागेश्वर गरुड़ ,  हरी नगरी गाव में 20 मई 2024 की साम 6 बजे तेज आंधी में चन्दन राम के घर की छत हवा के साथ उड़

सुमित्रानंदन पंत जी को किया याद

Vipin Joshi/swarswatantra.in छायावाद के प्रथम स्तम्भ कवि सुमित्रानंदन पंत जी की 124वी जन्मतिथि खोलिया विवेकानंद इंटर कालेज गरुड़ में साहित्यकारों की गरिमामयी मौजूदगी में मनाई गई. कार्यक्रम में साहित्यकारों के साथ विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपनी स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत की. इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य कैलाश चन्द्र जोशी ने सहयोगी

ग्रामलोक अभियान: साहित्य गाॅव तक

Vipin Joshi/www.swarswatantra.in साहित्य अकादमी ने शुरू किया उत्तराखण्ड में ग्रामलोक अभियान। उत्तराखण्ड के गरूड़ क्षेत्र के सिल्ली गाॅव में साहित्यकार और प्रोफेसर हेम चन्द्र दूबे के आवास में आज दिनांक 19 मई 2024 को हिंदी साहित्य क्षेत्र में एक नई पहल का आगा़ज हुआ। साहित्य अकादमी ने ग्रामलोक नाम से हिंदी साहित्य की विविध विधाओं

भूमिया बाबा मंदिर, मासी अल्मोड़ा

Vipin Joshi/ www.swarswatantra.in एक देवता जो अपने चाहने वालों की रक्षा करते हैं, उनको सब कष्टों से बचाते हैं उत्तराखंड के लोकदेवता हैं भूमिया बाबा. लोक जीवन में देवताओं की भी अपनी लोक छटा होती है. जन मान्यताएं होती हैं जो समाज को आपसी भाई चारे और प्रेम में बाधें रखती है. ऐसा एक मंदिर

लोकतंत्र का उत्सव और भविष्यवाणियों का दौर

विपिन जोशी 2024 लोकतंत्र का उत्सव देश भर में जारी है। चुनाव के चार चरण संपन्न हो चुके हैं और शेष बचे तीन चरणों में मतदान होना है। राजनैतिक सरगर्मिया उफान हैं और सियासी पारा चढ़ा हुआ है। लेकिन जनता में उत्साह की कमी है, मतदान प्रतिशत में कमी इस बात को और पुख्ता करती

बागेश्वर का मयूँ गांव बनेगा पीपल – वट विवाह का गवाह

विपिन जोशी,  स्वर स्वतंत्र सनातन परंपरा में आंचलिक संस्कृतियों के अनुरूप विभिन्न तरह के आयोजनों की विविधता देखने को मिलती है इसी तरह की एक विविधता पीपल – वट वृक्ष विवाह का आयोजन आगामी २१मई को यहां मयूँ ग्राम में होने जा रहा है। हिंदू धर्म शास्त्रों में पीपल व वट वृक्षों को विशेष मान्यता

 बदलाव : हल बैल से थ्रेसर तक

विपिन जोशी, उत्तराखंड मई 2024 , पहाड़ के घाटी वाले क्षेत्रों में गेहॅू मणाई का काम लगभग पूरा चुका है। धान का बिनौड़ा यानी बीज रख दिया गया है। अब जून और जुलाई में विस्तार लेते सेरों में धान रोपाई का सीजन चलेगा। खेती-किसानी के लिए उत्तराखण्ड बागेश्वर की कत्यूर घाटी बहुत उपजाउ मानी जाती

पहाड़ का सीना चीरती बड़ी मशीने

Vipin Joshi उत्तराखण्ड के कपकोट विधानसभा क्षेत्र में कुछ इलाके खनन के लिए मशहूर हैं. एक यात्रा के दोरान रीमा क्षेत्र में ग्रामिणों से हुई बातचीत के आधार पर और खनन क्षेत्र का व्यापक अवलोकन करने के बाद कुछ महत्वपूर्ण बातें या कहें कि लोगों का आंतरिक दर्द जिसे वे साझा नहीं करना चाहते हैं

कोट भ्रामरी में होगा शत चंडी यज्ञ

Vipin Joshi कन्ठेस्वर महादेव के संस्थापक और बनारस सिद्ध अखाड़े के बम बाबा ने एक मुलाकात के दौरान बताया कि विश्व कल्याण और हिमालयी क्षेत्र में शांति और सद्भावना के लिए शक्ति पीठ कोट भ्रामरी मंदिर में दस दिवसीय शत चंडी यज्ञ का आयोजन सावन माह में किया जायेगा. बम बाबा ने सभी भक्तो से

उत्तराखण्ड के जल योद्धा

Vipin Joshi / www.swarswatantra.in उत्तराखण्ड कुछ सिपाही विगत तीन दशकों से पानी और जंगल को बचाने के साथ जंगल को बनाने की मुहिम में जुड़े हैं बागेश्वर गरूड़ के पर्यावरण विद व किसान जगदीश कुनियाल और शिक्षक एमसी काण्डपाल। दोनों की कार्य प्रवृति भिन्न होते हुए भी पर्यावरण के प्रति इनकी संवेदनशीलता प्रेरित करने को

आंधी में उड़ी घर की छत

Vipin Joshi जिन्दा रहने का संघर्ष अभी जारी है कैसे करू हर्षोउल्लास और प्यार की बातें , मेरे सामने टूटते दरकते घरों की कहानी मुह बाए खड़ी है. बागेश्वर गरुड़ ,  हरी नगरी गाव में 20 मई 2024 की साम 6 बजे तेज आंधी में चन्दन राम के घर की छत हवा के साथ उड़

सुमित्रानंदन पंत जी को किया याद

Vipin Joshi/swarswatantra.in छायावाद के प्रथम स्तम्भ कवि सुमित्रानंदन पंत जी की 124वी जन्मतिथि खोलिया विवेकानंद इंटर कालेज गरुड़ में साहित्यकारों की गरिमामयी मौजूदगी में मनाई गई. कार्यक्रम में साहित्यकारों के साथ विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपनी स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत की. इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य कैलाश चन्द्र जोशी ने सहयोगी

ग्रामलोक अभियान: साहित्य गाॅव तक

Vipin Joshi/www.swarswatantra.in साहित्य अकादमी ने शुरू किया उत्तराखण्ड में ग्रामलोक अभियान। उत्तराखण्ड के गरूड़ क्षेत्र के सिल्ली गाॅव में साहित्यकार और प्रोफेसर हेम चन्द्र दूबे के आवास में आज दिनांक 19 मई 2024 को हिंदी साहित्य क्षेत्र में एक नई पहल का आगा़ज हुआ। साहित्य अकादमी ने ग्रामलोक नाम से हिंदी साहित्य की विविध विधाओं

भूमिया बाबा मंदिर, मासी अल्मोड़ा

Vipin Joshi/ www.swarswatantra.in एक देवता जो अपने चाहने वालों की रक्षा करते हैं, उनको सब कष्टों से बचाते हैं उत्तराखंड के लोकदेवता हैं भूमिया बाबा. लोक जीवन में देवताओं की भी अपनी लोक छटा होती है. जन मान्यताएं होती हैं जो समाज को आपसी भाई चारे और प्रेम में बाधें रखती है. ऐसा एक मंदिर

लोकतंत्र का उत्सव और भविष्यवाणियों का दौर

विपिन जोशी 2024 लोकतंत्र का उत्सव देश भर में जारी है। चुनाव के चार चरण संपन्न हो चुके हैं और शेष बचे तीन चरणों में मतदान होना है। राजनैतिक सरगर्मिया उफान हैं और सियासी पारा चढ़ा हुआ है। लेकिन जनता में उत्साह की कमी है, मतदान प्रतिशत में कमी इस बात को और पुख्ता करती

बागेश्वर का मयूँ गांव बनेगा पीपल – वट विवाह का गवाह

विपिन जोशी,  स्वर स्वतंत्र सनातन परंपरा में आंचलिक संस्कृतियों के अनुरूप विभिन्न तरह के आयोजनों की विविधता देखने को मिलती है इसी तरह की एक विविधता पीपल – वट वृक्ष विवाह का आयोजन आगामी २१मई को यहां मयूँ ग्राम में होने जा रहा है। हिंदू धर्म शास्त्रों में पीपल व वट वृक्षों को विशेष मान्यता

 बदलाव : हल बैल से थ्रेसर तक

विपिन जोशी, उत्तराखंड मई 2024 , पहाड़ के घाटी वाले क्षेत्रों में गेहॅू मणाई का काम लगभग पूरा चुका है। धान का बिनौड़ा यानी बीज रख दिया गया है। अब जून और जुलाई में विस्तार लेते सेरों में धान रोपाई का सीजन चलेगा। खेती-किसानी के लिए उत्तराखण्ड बागेश्वर की कत्यूर घाटी बहुत उपजाउ मानी जाती