एजुकेशन

सुमित्रानंदन पंत जी को किया याद

Vipin Joshi/swarswatantra.in छायावाद के प्रथम स्तम्भ कवि सुमित्रानंदन पंत जी की 124वी जन्मतिथि खोलिया विवेकानंद इंटर कालेज गरुड़ में साहित्यकारों की गरिमामयी मौजूदगी में मनाई गई. कार्यक्रम में साहित्यकारों के साथ विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपनी स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत की. इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य कैलाश चन्द्र जोशी ने सहयोगी

ग्रामलोक अभियान: साहित्य गाॅव तक

Vipin Joshi/www.swarswatantra.in साहित्य अकादमी ने शुरू किया उत्तराखण्ड में ग्रामलोक अभियान। उत्तराखण्ड के गरूड़ क्षेत्र के सिल्ली गाॅव में साहित्यकार और प्रोफेसर हेम चन्द्र दूबे के आवास में आज दिनांक 19 मई 2024 को हिंदी साहित्य क्षेत्र में एक नई पहल का आगा़ज हुआ। साहित्य अकादमी ने ग्रामलोक नाम से हिंदी साहित्य की विविध विधाओं

भूमिया बाबा मंदिर, मासी अल्मोड़ा

Vipin Joshi/ www.swarswatantra.in एक देवता जो अपने चाहने वालों की रक्षा करते हैं, उनको सब कष्टों से बचाते हैं उत्तराखंड के लोकदेवता हैं भूमिया बाबा. लोक जीवन में देवताओं की भी अपनी लोक छटा होती है. जन मान्यताएं होती हैं जो समाज को आपसी भाई चारे और प्रेम में बाधें रखती है. ऐसा एक मंदिर

लोकतंत्र का उत्सव और भविष्यवाणियों का दौर

विपिन जोशी 2024 लोकतंत्र का उत्सव देश भर में जारी है। चुनाव के चार चरण संपन्न हो चुके हैं और शेष बचे तीन चरणों में मतदान होना है। राजनैतिक सरगर्मिया उफान हैं और सियासी पारा चढ़ा हुआ है। लेकिन जनता में उत्साह की कमी है, मतदान प्रतिशत में कमी इस बात को और पुख्ता करती

बागेश्वर का मयूँ गांव बनेगा पीपल – वट विवाह का गवाह

विपिन जोशी,  स्वर स्वतंत्र सनातन परंपरा में आंचलिक संस्कृतियों के अनुरूप विभिन्न तरह के आयोजनों की विविधता देखने को मिलती है इसी तरह की एक विविधता पीपल – वट वृक्ष विवाह का आयोजन आगामी २१मई को यहां मयूँ ग्राम में होने जा रहा है। हिंदू धर्म शास्त्रों में पीपल व वट वृक्षों को विशेष मान्यता

 बदलाव : हल बैल से थ्रेसर तक

विपिन जोशी, उत्तराखंड मई 2024 , पहाड़ के घाटी वाले क्षेत्रों में गेहॅू मणाई का काम लगभग पूरा चुका है। धान का बिनौड़ा यानी बीज रख दिया गया है। अब जून और जुलाई में विस्तार लेते सेरों में धान रोपाई का सीजन चलेगा। खेती-किसानी के लिए उत्तराखण्ड बागेश्वर की कत्यूर घाटी बहुत उपजाउ मानी जाती

गैस एजेंसियों में जटिल होती ई-केवाईसी प्रक्रिया

Vipin Joshi – swarswatantra.in उत्तराखंड, गरुड़ में इन दिनों गैस एजेंसियों में गैस उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी की प्रक्रिया कराई जा रही है। ताकि ग्राहक के खाते में गैस सिलेंडर का अनुदान आ सके. लेकिन यह प्रक्रिया बड़ी जटिल होती जा रही है. दूर दराज गावों से महिलाएं, बुजुर्ग अपना सारा जरुरी काम छोड़ कर गैस

जल संकट: जाने अपनी नदियों को

Vipin Joshi – swarswatantra.in प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पानी के महत्व की जानकारी कैसे दें ? जल ही जीवन है कि सूक्ति को बच्चे रट तो लेते हैं क्या उसके गहरे अर्थ को समझते भी होंगे ? इसे समझना क्यों जरूरी है ? यह प्रश्न हो सकता है। इस मुददे के प्रति संवेदनशील हो

गरूड़ से मुनस्यार-जौहार: यात्रा वृतांत

swarswatantra.in / vpin joshi घूमने-फिरने का शौक और नई जगहों में जाकर उसे समझने का जूनून ही यात्रा प्रेमी बनाता है। एक दिन साथियों के साथ हुई अनौपचारिक बात-चीत में मुनस्यारी भ्रमण की योजना बनी। तय योजना के मुताबिक 22 नवम्बर 2015 को हम 7 सदस्य प्रातः 9ः30 बजे गरूड़ से रवाना हुए। सिमार के

जीवन संपदा और पर्यावरण : पुस्तक समीक्षा

जीवन संपदा और पर्यावरण संपादन – अनुपम मिश्र प्रकाशन – ज्योतिलोक प्रकाशन, दिल्ली समीक्षा – विपिन जोशी पुस्तक में है – देश के पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों का विशद और विविण भण्डार खतरें मंे हैं। पीढ़ियों से संरक्षित अनुवंशकों का भी क्षय हो चला है। इस जीवन संपदा के संवर्धन में जो कार्यक्रम चलाए जा रहे

सुमित्रानंदन पंत जी को किया याद

Vipin Joshi/swarswatantra.in छायावाद के प्रथम स्तम्भ कवि सुमित्रानंदन पंत जी की 124वी जन्मतिथि खोलिया विवेकानंद इंटर कालेज गरुड़ में साहित्यकारों की गरिमामयी मौजूदगी में मनाई गई. कार्यक्रम में साहित्यकारों के साथ विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपनी स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत की. इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य कैलाश चन्द्र जोशी ने सहयोगी

ग्रामलोक अभियान: साहित्य गाॅव तक

Vipin Joshi/www.swarswatantra.in साहित्य अकादमी ने शुरू किया उत्तराखण्ड में ग्रामलोक अभियान। उत्तराखण्ड के गरूड़ क्षेत्र के सिल्ली गाॅव में साहित्यकार और प्रोफेसर हेम चन्द्र दूबे के आवास में आज दिनांक 19 मई 2024 को हिंदी साहित्य क्षेत्र में एक नई पहल का आगा़ज हुआ। साहित्य अकादमी ने ग्रामलोक नाम से हिंदी साहित्य की विविध विधाओं

भूमिया बाबा मंदिर, मासी अल्मोड़ा

Vipin Joshi/ www.swarswatantra.in एक देवता जो अपने चाहने वालों की रक्षा करते हैं, उनको सब कष्टों से बचाते हैं उत्तराखंड के लोकदेवता हैं भूमिया बाबा. लोक जीवन में देवताओं की भी अपनी लोक छटा होती है. जन मान्यताएं होती हैं जो समाज को आपसी भाई चारे और प्रेम में बाधें रखती है. ऐसा एक मंदिर

लोकतंत्र का उत्सव और भविष्यवाणियों का दौर

विपिन जोशी 2024 लोकतंत्र का उत्सव देश भर में जारी है। चुनाव के चार चरण संपन्न हो चुके हैं और शेष बचे तीन चरणों में मतदान होना है। राजनैतिक सरगर्मिया उफान हैं और सियासी पारा चढ़ा हुआ है। लेकिन जनता में उत्साह की कमी है, मतदान प्रतिशत में कमी इस बात को और पुख्ता करती

बागेश्वर का मयूँ गांव बनेगा पीपल – वट विवाह का गवाह

विपिन जोशी,  स्वर स्वतंत्र सनातन परंपरा में आंचलिक संस्कृतियों के अनुरूप विभिन्न तरह के आयोजनों की विविधता देखने को मिलती है इसी तरह की एक विविधता पीपल – वट वृक्ष विवाह का आयोजन आगामी २१मई को यहां मयूँ ग्राम में होने जा रहा है। हिंदू धर्म शास्त्रों में पीपल व वट वृक्षों को विशेष मान्यता

 बदलाव : हल बैल से थ्रेसर तक

विपिन जोशी, उत्तराखंड मई 2024 , पहाड़ के घाटी वाले क्षेत्रों में गेहॅू मणाई का काम लगभग पूरा चुका है। धान का बिनौड़ा यानी बीज रख दिया गया है। अब जून और जुलाई में विस्तार लेते सेरों में धान रोपाई का सीजन चलेगा। खेती-किसानी के लिए उत्तराखण्ड बागेश्वर की कत्यूर घाटी बहुत उपजाउ मानी जाती

गैस एजेंसियों में जटिल होती ई-केवाईसी प्रक्रिया

Vipin Joshi – swarswatantra.in उत्तराखंड, गरुड़ में इन दिनों गैस एजेंसियों में गैस उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी की प्रक्रिया कराई जा रही है। ताकि ग्राहक के खाते में गैस सिलेंडर का अनुदान आ सके. लेकिन यह प्रक्रिया बड़ी जटिल होती जा रही है. दूर दराज गावों से महिलाएं, बुजुर्ग अपना सारा जरुरी काम छोड़ कर गैस

जल संकट: जाने अपनी नदियों को

Vipin Joshi – swarswatantra.in प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पानी के महत्व की जानकारी कैसे दें ? जल ही जीवन है कि सूक्ति को बच्चे रट तो लेते हैं क्या उसके गहरे अर्थ को समझते भी होंगे ? इसे समझना क्यों जरूरी है ? यह प्रश्न हो सकता है। इस मुददे के प्रति संवेदनशील हो

गरूड़ से मुनस्यार-जौहार: यात्रा वृतांत

swarswatantra.in / vpin joshi घूमने-फिरने का शौक और नई जगहों में जाकर उसे समझने का जूनून ही यात्रा प्रेमी बनाता है। एक दिन साथियों के साथ हुई अनौपचारिक बात-चीत में मुनस्यारी भ्रमण की योजना बनी। तय योजना के मुताबिक 22 नवम्बर 2015 को हम 7 सदस्य प्रातः 9ः30 बजे गरूड़ से रवाना हुए। सिमार के

जीवन संपदा और पर्यावरण : पुस्तक समीक्षा

जीवन संपदा और पर्यावरण संपादन – अनुपम मिश्र प्रकाशन – ज्योतिलोक प्रकाशन, दिल्ली समीक्षा – विपिन जोशी पुस्तक में है – देश के पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों का विशद और विविण भण्डार खतरें मंे हैं। पीढ़ियों से संरक्षित अनुवंशकों का भी क्षय हो चला है। इस जीवन संपदा के संवर्धन में जो कार्यक्रम चलाए जा रहे