उक्रांद में जाने की चर्चाएं निराधार, सस्ती पत्रकारिता पर भड़के भाजपा नेता भैरवनाथ टम्टा
विपिन जोशी
बागेश्वर। बागेश्वर विधानसभा से पूर्व में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व व्यवसायी भैरवनाथ टम्टा ने उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) में शामिल होने की तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही इस तरह की खबरों को उन्होंने पूरी तरह से भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।
भैरवनाथ टम्टा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केवल सनसनी और टीआरपी जुटाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर ऐसी फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “बिना किसी पुष्टि के ऐसी भ्रामक खबरें चलाना पूरी तरह गलत है। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। डिजिटल मीडिया में इस तरह की हल्की और गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता से बचा जाना चाहिए।”
इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि खबर चलाने से पूर्व संबंधित नियमों और दिशा-निर्देशों का ठीक से अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में राजनेताओं और सामाजिक हस्तियों की अनौपचारिक मुलाकातें, समारोहों में मिलना या शिष्टाचार भेंट होना एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी से मिलने का अर्थ यह कदापि नहीं होता कि संबंधित व्यक्ति उस पार्टी को जॉइन करने जा रहा है। चुनावी माहौल में पार्टियां अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए प्रभावशाली चेहरों से संपर्क साधने की कवायद करती हैं, लेकिन इसके आधार पर बिना पुष्टि के खबरें चलाना अनैतिक है।
पूर्व में देहरादून से अपना मीडिया हाउस APN का संचालन कर चुके भैरवनाथ टम्टा ने कहा कि वे पत्रकारिता के मापदंडों को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने कहा कि समाचार प्रसारित करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनलों को किसी भी व्यक्ति, विभाग या संस्थान से जुड़ी खबर चलाने से पूर्व तथ्य की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि वे चाहते तो बिना पुष्टि के तथ्यहीन खबर प्रसारित करने पर मानहानि का केस भी दर्ज करा सकते थे।

















