धर्म

रतोड़ा ग्राम सड़क से वंचित

विपिन जोशी ग्राम प्रधान दिनेश लोहनी ने बताया कि कौसानी मोटर मार्ग विश्राम गृह से सीमा गांव तक 2006 में पाँच किमी. तक सड़क स्वीकृत हुई थी। लेकिन तीन किमी तक ही खुद पाई है। 2006 से ग्राम वासी सड़क सुविधा से वंचित हैं। उक्त सड़क सीमा, रतूड़ा, लधोलिया, को जोड़ेगी। सड़क से वंचित ग्रामीणों

उत्तराखंड के हाल 25 साल

विपिन जोशी, संपादक स्वर स्वतंत्र। जन संवाद परिचर्चा, उत्तराखंड के हाल 25 साल बागेश्वर में संघर्ष वाहिनी के बैनर तले उत्तराखंड के 25 साल के दौर की समीक्षा की गई। विभिन्न संगठनों तथा पत्रकारों ने उक्त संवाद में भागीदारी की। कार्यक्रम का संचालन गिरीश तिवारी ने किया। सामाजिक कार्यकर्ता भुवन कांडपाल ने बीते पच्चीस सालों

जंगल धधकने लगे नवंबर में

विपिन जोशी, संपादक, स्वर स्वतंत्र उत्तराखंड के जंगलों में नवंबर की आग: एक पर्यावरणीय चेतावनी सर्दियों का आगमन हो चुका है, किंतु उत्तराखंड के पहाड़ अब ठंडक की बजाय धुएं की चपेट में हैं। कौसानी पिनाथ से लेकर गरुड़ घाटी तक, नवंबर महीने में ही विभिन्न स्थानों पर जंगल धधक उठे हैं। यह कोई नई

कौसानी में सरला स्मृति व्याख्यान

विपिन जोशी, संपादक स्वर स्वतंत्र लक्ष्मी आश्रम कौसानी में सरला स्मृति व्याख्यान व गांधी कथा विमर्श का तीन दिनी आयोजन   *गांधी के रामराज्य का मतलब है अन्याय विहीन समाजव्यवस्था* *प्राकृतिक संसाधन सीमित मात्रा में हैं इन्हें असीमित समझना ही आपदा और विपदा का बड़ा कारण*   कौसानी। यहां लक्ष्मी आश्रम में ‘गांधी कथा’ पर

मक्खन दूध का मेला लिंग थान कौतिक

विपिन जोशी, संपादक, स्वर स्वतंत्र 4 से 5 नवंबर जुटेगा गैरलेख में लिंग थान कौतिक। प्राचीन काल से अब तक गरुड़ के गैरलेख में कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगता है लिंग थान का कौतिक। दिवाली के बाद तुलसी एकादशी के बाद लिंग थान का कौतिक दो दिन तक धूम धाम से मनाया जाता है। लिंग

आज से प्रारंभ कत्यूर में रामलीला

https://youtu.be/k8pU41RPS9I शारदीय नवरात्र और रामलीला मंचन – विपिन जोशी आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते हैं। यह पर्व शक्ति की महिमा को प्रदर्शित करता है, क्योंकि शक्ति के अभाव में संसार का संचालन संभव नहीं है। इस दौरान माँ दुर्गा के नौ रूपों, शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक की उपासना की

साहित्य चरण वंदन से मुक्त हो

विपिन जोशी..   गरुड़ ज्ञानार्जन विद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर पुस्तक विमोचन उत्तराखंड पत्रकार एवं साहित्यकार समिति गरुड़ के तत्वाधान में तीन पुस्तकों का विमोचन । १, मोहन बाल कहानियां, लेखक मोहन जोशी २ प्रतीक्षा, काव्य संग्रह, आशा बुटोला ३ जड़ों की छांव, काव्य संग्रह, सुरेन्द्र वर्मा वरिष्ठ साहित्यकार मोहन जोशी ने कहा

हिमालय की जड़ मत खोदो

विपिन जोशी… पदमश्री राधा भट्ट से बातचीत के आधार पर हिमालय दिवस पर पदमश्री राधा भट्ट ने हिमालय पर पड़ रहे दबाव को विनाशकारी मानते हुए कहा कि हम सब हिमालय की जड़ खोदने में लगे हैं। इसमें सभी शामिल हैं। सरकार की हिमालय विरोधी नितियां हो या आम जन की विलासितापूर्ण जीवन शैली। हिमालय

उत्तराखंड में आपदा: वर्तमान स्थिति

विपिन जोशी .. उत्तराखंड, हिमालय की गोद में बसा यह राज्य, अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन यह भू-भौगोलिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना और हिमनदी झीलों के फटने (GLOF) जैसी आपदाएं आम हैं, जो मानसून के दौरान और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही हैं।

रतोड़ा ग्राम सड़क से वंचित

विपिन जोशी ग्राम प्रधान दिनेश लोहनी ने बताया कि कौसानी मोटर मार्ग विश्राम गृह से सीमा गांव तक 2006 में पाँच किमी. तक सड़क स्वीकृत हुई थी। लेकिन तीन किमी तक ही खुद पाई है। 2006 से ग्राम वासी सड़क सुविधा से वंचित हैं। उक्त सड़क सीमा, रतूड़ा, लधोलिया, को जोड़ेगी। सड़क से वंचित ग्रामीणों

उत्तराखंड के हाल 25 साल

विपिन जोशी, संपादक स्वर स्वतंत्र। जन संवाद परिचर्चा, उत्तराखंड के हाल 25 साल बागेश्वर में संघर्ष वाहिनी के बैनर तले उत्तराखंड के 25 साल के दौर की समीक्षा की गई। विभिन्न संगठनों तथा पत्रकारों ने उक्त संवाद में भागीदारी की। कार्यक्रम का संचालन गिरीश तिवारी ने किया। सामाजिक कार्यकर्ता भुवन कांडपाल ने बीते पच्चीस सालों

जंगल धधकने लगे नवंबर में

विपिन जोशी, संपादक, स्वर स्वतंत्र उत्तराखंड के जंगलों में नवंबर की आग: एक पर्यावरणीय चेतावनी सर्दियों का आगमन हो चुका है, किंतु उत्तराखंड के पहाड़ अब ठंडक की बजाय धुएं की चपेट में हैं। कौसानी पिनाथ से लेकर गरुड़ घाटी तक, नवंबर महीने में ही विभिन्न स्थानों पर जंगल धधक उठे हैं। यह कोई नई

कौसानी में सरला स्मृति व्याख्यान

विपिन जोशी, संपादक स्वर स्वतंत्र लक्ष्मी आश्रम कौसानी में सरला स्मृति व्याख्यान व गांधी कथा विमर्श का तीन दिनी आयोजन   *गांधी के रामराज्य का मतलब है अन्याय विहीन समाजव्यवस्था* *प्राकृतिक संसाधन सीमित मात्रा में हैं इन्हें असीमित समझना ही आपदा और विपदा का बड़ा कारण*   कौसानी। यहां लक्ष्मी आश्रम में ‘गांधी कथा’ पर

मक्खन दूध का मेला लिंग थान कौतिक

विपिन जोशी, संपादक, स्वर स्वतंत्र 4 से 5 नवंबर जुटेगा गैरलेख में लिंग थान कौतिक। प्राचीन काल से अब तक गरुड़ के गैरलेख में कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगता है लिंग थान का कौतिक। दिवाली के बाद तुलसी एकादशी के बाद लिंग थान का कौतिक दो दिन तक धूम धाम से मनाया जाता है। लिंग

आज से प्रारंभ कत्यूर में रामलीला

https://youtu.be/k8pU41RPS9I शारदीय नवरात्र और रामलीला मंचन – विपिन जोशी आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते हैं। यह पर्व शक्ति की महिमा को प्रदर्शित करता है, क्योंकि शक्ति के अभाव में संसार का संचालन संभव नहीं है। इस दौरान माँ दुर्गा के नौ रूपों, शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक की उपासना की

साहित्य चरण वंदन से मुक्त हो

विपिन जोशी..   गरुड़ ज्ञानार्जन विद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर पुस्तक विमोचन उत्तराखंड पत्रकार एवं साहित्यकार समिति गरुड़ के तत्वाधान में तीन पुस्तकों का विमोचन । १, मोहन बाल कहानियां, लेखक मोहन जोशी २ प्रतीक्षा, काव्य संग्रह, आशा बुटोला ३ जड़ों की छांव, काव्य संग्रह, सुरेन्द्र वर्मा वरिष्ठ साहित्यकार मोहन जोशी ने कहा

हिमालय की जड़ मत खोदो

विपिन जोशी… पदमश्री राधा भट्ट से बातचीत के आधार पर हिमालय दिवस पर पदमश्री राधा भट्ट ने हिमालय पर पड़ रहे दबाव को विनाशकारी मानते हुए कहा कि हम सब हिमालय की जड़ खोदने में लगे हैं। इसमें सभी शामिल हैं। सरकार की हिमालय विरोधी नितियां हो या आम जन की विलासितापूर्ण जीवन शैली। हिमालय

उत्तराखंड में आपदा: वर्तमान स्थिति

विपिन जोशी .. उत्तराखंड, हिमालय की गोद में बसा यह राज्य, अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन यह भू-भौगोलिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना और हिमनदी झीलों के फटने (GLOF) जैसी आपदाएं आम हैं, जो मानसून के दौरान और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही हैं।