
पंचायत चुनाव के बीच—3 : चारू तिवारी
दरअसल, हमारी सरकार द्वारा लागू मौजूदा पंचायती राज पूरी तरह विकृत और समाजतोड़क है। राष्ट्रीय राजनैतिक दलों ने गांव के भीतर तक घुस कर परिवारों में फूट डाल दी है। पत्नी प्रधान है और उसके नाम पर पति सारे कामकाज करता है। गाँव में विकास कार्य के नाम लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, मगर


























