व्यापार

गरुड़ गंगा पार्किंग स्टे बरकरार

विपिन जोशी. गरुड़ गंगा मल्टी पार्किंग मामला: हाई कोर्ट का रुख स्पष्ट, पार्किंग निर्माण पर ‘स्टे‘ जारी। क्या कहते हैं आम जन? बागेश्वर/गरुड़ : उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल ने गरुड़ गंगा में हो रहे मल्टी पार्किंग निर्माण और अतिक्रमण को लेकर ऐतिहासिकआदेश पारित किया है। गरुड़ गंगा में बन रहे मल्टी लेवल पार्किंग परियोजना की

भीगती ममता, सूखती संवेदनाएं

पहाड़ों की ‘पगडंडियों’ पर दम तोड़ती आधुनिकता और सिस्टम की बेशर्मी : विपिन जोशी स्वर स्वतंत्र उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला से आई कनार ग्राम पंचायत की तस्वीरें केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक कराह है—उस व्यवस्था के खिलाफ जो कागजों पर तो ‘ऑल वेदर’ होने का दंभ भरती है, लेकिन हकीकत में

60 वर्ष बाद लौटा है रौद्र संवत्सर

रौद्र संवत्सर 19 मार्च 2026 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुरुवार) से शुरू होकर 7 अप्रैल 2027 तक चलेगा। लगभग 60 वर्ष बाद (पिछली बार 1966 में) यह नाम लौटा है। नाम से ही स्पष्ट है—रौद्र अर्थात् उग्र, तीव्र, क्रोधपूर्ण या शिव के रुद्र रूप जैसा। रौद्र संवत्सर की मुख्य विशेषताएँ राजा: देवगुरु बृहस्पति (गुरु) — ज्ञान,

डिजिटल इंडिया के दौर में ‘नो नेटवर्क जोन

विपिन जोशी.. पैराग्लाइडिंग के सफल टेक-ऑफ के बीच लाहुर घाटी में संचार व्यवस्था ‘क्रैश’ गरुड़ (बागेश्वर): गरुड़ तहसील के डनेराखाल में जब पैराग्लाइडर के पंख आसमान में लहराए, तो कत्यूर घाटी के ग्रामीणों की आंखोंमें उत्साह और भविष्य की उम्मीदें साफ झलक रही थीं। नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) जम्मू पहलगाम के तत्वाधान मेंआयोजित दो

फूलदेई छम्मा देई

फूलदेई उत्तराखंड का एक प्राचीन और प्रसिद्ध लोक बाल पर्व है, जो मुख्य रूप से गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों में मनाया जाता है। यह त्योहार चैत्र मास की संक्रांति (मीन संक्रांति) पर शुरू होता है, जो सामान्यतः14 या 15 मार्च को पड़ता है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सौर कैलेंडर के अनुसार हिंदू नववर्ष इसी दिन से शुरू माना जाता है।

वीरांगनाएँ देंगी जागृति का संदेश

समानता के भाव को देखते हुए सभी को अवसर देते हुए वीरांगना संगठन का चुनाव किया गया, जाति धर्म से ऊपर उठते हुए महिला पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायत विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

एक अनसुनी दास्ताँ : अतीत के साक्ष्य

आज भी ऐसे कई गुमनाम सेनानी होंगे जो अतीत में दस्तावेजीकरण से रह गए थे . अब यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि खोजें अपने आसपास ऐसे महान व्यक्तितत्व को जो देश की आज़ादी के लिए नींव की ईट बन गए.

देवी को थान पतरिया नाचे…

विपिन जोशी.. कत्यूर घाटी की ३० होलियां पहुंची कोट भ्रामरी मंदिर खड़ी होली की गूंज से गूंज उठा बैजनाथ-कोट भ्रामरी, युवा पीढ़ी ने परंपरा को नया आयाम दिया बैजनाथ। बैजनाथ मंदिर में खड़ी होली गायन के बाद सैकड़ों की संख्या में होलियार सीधे कोट भ्रामरी मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में देवी को समर्पित गीत गूंज

गरुड़ गंगा पार्किंग स्टे बरकरार

विपिन जोशी. गरुड़ गंगा मल्टी पार्किंग मामला: हाई कोर्ट का रुख स्पष्ट, पार्किंग निर्माण पर ‘स्टे‘ जारी। क्या कहते हैं आम जन? बागेश्वर/गरुड़ : उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल ने गरुड़ गंगा में हो रहे मल्टी पार्किंग निर्माण और अतिक्रमण को लेकर ऐतिहासिकआदेश पारित किया है। गरुड़ गंगा में बन रहे मल्टी लेवल पार्किंग परियोजना की

भीगती ममता, सूखती संवेदनाएं

पहाड़ों की ‘पगडंडियों’ पर दम तोड़ती आधुनिकता और सिस्टम की बेशर्मी : विपिन जोशी स्वर स्वतंत्र उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला से आई कनार ग्राम पंचायत की तस्वीरें केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक कराह है—उस व्यवस्था के खिलाफ जो कागजों पर तो ‘ऑल वेदर’ होने का दंभ भरती है, लेकिन हकीकत में

60 वर्ष बाद लौटा है रौद्र संवत्सर

रौद्र संवत्सर 19 मार्च 2026 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुरुवार) से शुरू होकर 7 अप्रैल 2027 तक चलेगा। लगभग 60 वर्ष बाद (पिछली बार 1966 में) यह नाम लौटा है। नाम से ही स्पष्ट है—रौद्र अर्थात् उग्र, तीव्र, क्रोधपूर्ण या शिव के रुद्र रूप जैसा। रौद्र संवत्सर की मुख्य विशेषताएँ राजा: देवगुरु बृहस्पति (गुरु) — ज्ञान,

डिजिटल इंडिया के दौर में ‘नो नेटवर्क जोन

विपिन जोशी.. पैराग्लाइडिंग के सफल टेक-ऑफ के बीच लाहुर घाटी में संचार व्यवस्था ‘क्रैश’ गरुड़ (बागेश्वर): गरुड़ तहसील के डनेराखाल में जब पैराग्लाइडर के पंख आसमान में लहराए, तो कत्यूर घाटी के ग्रामीणों की आंखोंमें उत्साह और भविष्य की उम्मीदें साफ झलक रही थीं। नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) जम्मू पहलगाम के तत्वाधान मेंआयोजित दो

फूलदेई छम्मा देई

फूलदेई उत्तराखंड का एक प्राचीन और प्रसिद्ध लोक बाल पर्व है, जो मुख्य रूप से गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों में मनाया जाता है। यह त्योहार चैत्र मास की संक्रांति (मीन संक्रांति) पर शुरू होता है, जो सामान्यतः14 या 15 मार्च को पड़ता है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सौर कैलेंडर के अनुसार हिंदू नववर्ष इसी दिन से शुरू माना जाता है।

वीरांगनाएँ देंगी जागृति का संदेश

समानता के भाव को देखते हुए सभी को अवसर देते हुए वीरांगना संगठन का चुनाव किया गया, जाति धर्म से ऊपर उठते हुए महिला पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायत विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

एक अनसुनी दास्ताँ : अतीत के साक्ष्य

आज भी ऐसे कई गुमनाम सेनानी होंगे जो अतीत में दस्तावेजीकरण से रह गए थे . अब यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि खोजें अपने आसपास ऐसे महान व्यक्तितत्व को जो देश की आज़ादी के लिए नींव की ईट बन गए.

देवी को थान पतरिया नाचे…

विपिन जोशी.. कत्यूर घाटी की ३० होलियां पहुंची कोट भ्रामरी मंदिर खड़ी होली की गूंज से गूंज उठा बैजनाथ-कोट भ्रामरी, युवा पीढ़ी ने परंपरा को नया आयाम दिया बैजनाथ। बैजनाथ मंदिर में खड़ी होली गायन के बाद सैकड़ों की संख्या में होलियार सीधे कोट भ्रामरी मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में देवी को समर्पित गीत गूंज