धामी सरकार की मेगा पोटली : बज़ट

1.11 लाख करोड़ की मेगा पोटली! धामी सरकार का बजट उत्तराखंड का नवीनतम बजट वित्तीय वर्ष 2026-27

विपिन जोशी…
1.11 लाख करोड़ की मेगा पोटली! धामी सरकार का बजट
उत्तराखंड का नवीनतम बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 मार्च 2026 को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में विधानसभा सत्र के दौरान पेश किया। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही बजट पेश किया गया। क्या है बजट का सार आइये जानते हैं।
मुख्य विवरण
कुल बजट का आकार: ₹1,11,703.21 करोड़ ।
पिछले बजट (2025-26) से लगभग 10.41% से अधिक है।
जेंडर बजट: ₹19,692.02 करोड़ (पिछले वर्ष 2025-26 में ₹16,961.32 करोड़ था)।
राजस्व व्यय: लगभग ₹64,989 करोड़।
पूंजीगत व्यय: लगभग ₹46,713 करोड़।
कुल प्राप्तियाँ: लगभग ₹1,10,143.12 करोड़ (राजस्व प्राप्तियाँ ₹67,525.77 करोड़, पूंजीगत प्राप्तियाँ ₹42,617.35 करोड़)।
क्या है बजट का फोकस और थीम:
सरकार ने इसे “VIGYAN” (वैल्यू बेस्ड, इनोवेशन ड्रिवन, गुड गवर्नेंस, यूथ-पावर्ड, एकाउंटेबिलिटी, नया उत्तराखंड)बजट कहा है।
किन बिंदुओं पर है मुख्य जोर: विकास और आर्थिक मजबूती पर।
युवा,महिलाएँ, किसान, गरीब वर्गों के सशक्तिकरण।
पर्यटन, हरित ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढांचा।
राज्य की रजत जयंती (25 वर्ष) के संदर्भ में ‘विकसित उत्तराखंड’ का संकल्प भी लिया है।
चुनावी वर्ष होने के कारण कई लोक-कल्याणकारी घोषणाएँ और योजनाएँ बजट में उजागर होती हैं,सोचिये क्या घोषणाओं पर ईमानदारी से काम हुआ विगत बजट के बाद ?
पिछला बजट (2025-26) के लिए संक्षिप्त तुलना:
कुल आकार: ₹1,01,175.33 करोड़ (वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा 20 फरवरी 2025 को पेश)।
जीएसडीपी अनुमान: ₹4,29,308 करोड़ (13% वृद्धि)।
व्यय (ऋण चुकौती छोड़कर): ₹75,170 करोड़।
प्राप्तियाँ (उधार छोड़कर): ₹62,565 करोड़।
फोकस: स्टार्टअप, बिजली, सड़कें (220 किमी नई, 1,500 किमी नवीनीकरण, 1,000 किमी पुनर्निर्माण), सड़क सुरक्षा ₹1,200 करोड़।
सरकार की ओर से कहा गया है कि उक्त नवीनतम बजट राज्य की आर्थिक प्रगति, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित है।
बजट के साथ उत्तराखंड क्रांतिदल का गैरसैंण स्थाई राजधानी का प्रदर्शन भी जारी रहा, प्रदेश भर से सैकड़ो यूकेडी कार्यकर्ता गैरसैंण पहुंचे, पुलिस बैरिकेट्स तोड़ते हुए, पानी की बौछार झेलते हुए यूकेडी ने राजधानी गैरसैंण के मुद्दे को बनाए रखा। वहीं कांग्रेस भी दस मार्च को गैरसैंण राजधानी मुद्दे को लेकर गैरसैंण कूच कर रही है। कांग्रेस ने धामी सरकार पर कटाक्ष कटाक्ष करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ट्रंप से परमिशन लाए और गैरसैंण में तीस दिन का विधान सभा सत्र चलाए, राज्य के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए चार दिन काफी नहीं। बहरहाल अब बजट पर माननीयों के पॉड कास्ट, साक्षात्कार, बयान आने शुरू हो जाएंगे। 2027 चुनाव आने तक जनता महाराज किन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए वोट करेगी यह भी सोचनीय बात होगी।

Recent Posts