प्रधान संगठन ने गरुड़ विकासखंड मुख्यालय में की ताला बंदी..
विपिन जोशी, गरुड़
एक ओर मुख्यमंत्री धामी का 50 वां जन्म दिवस, कोट भ्रामरी मंदिर में मनाया गया तो वहीं दूसरी ओर गरुड़ ग्राम प्रधान संगठन ने अपनी मांगों को लेकर विकासखंड मुख्यालय में ताला बंदी कर सांकेतिक प्रदर्शन किया. ग्राम प्रधानों ने कहाँ की सरकार विधानसभा चुनाव से पूर्व उनकी मांगों को मान लेगी ऐसा भरोसा ग्राम प्रधान संगठन को हैं.
विजय गोस्वामी, ग्राम प्रधान, कोहिना, प्रधान संगठन उपाध्यक्ष बागेश्वर – देश की पहली विकासत्मक इकाई ग्राम सभा होती हैं. यदि ग्राम प्रधान के हाथ मज़बूत होंगे तो ग्राम भी विकसित होगा. सरकार ग्राम प्रधानों का मानदेय 3500 प्रति माह से बढाकर बीस हजार करे, जी राम जी योजना में भुगतान लंबित ना हो, पहाड़ की भौगोलिकता के आधार पर विकास योजनाएं बने.
विजय गोस्वामी, थान डंगोली – दस सूत्रिय मांगो में प्रमुख हैं प्रधानों का मानदेय, जी राम जी योजना में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 700 की जाए. भौगोलिक स्थिति के अनुसार पेमेंट अथवा वेरिफिकेशन की ऑनलाइन बाध्यता पर पुनर्विचार हो.
प्रकाश कोहली,जिलाध्यक्ष असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस कमेटी बागेश्वर – सरकार को प्रधान संगठन की बात सुननी चाहिए, सरकारें आती जाती रही लेकिन उत्तराखण्ड में ग्राम प्रधान संगठन के हितों पर कोइ ध्यान नहीं दिया गया. विकास नीतियों का ढांचा पहाड़ के अनुरूप बनाना चाहिए, व्यवस्थागत प्रकिर्या भी सरल सहज हो.
कैलाश पवार, एडवोकेट, ग्राम प्रधान अयार्तोली – उत्तराखण्ड सरकार प्रधान संगठन के साथ उपेक्षापूर्ण रवैया क्यों अपना रही हैं. प्रधान पर दुनिया की निगाह रहती है, समय पर भुगतान भी नहीं होता है, मानदेय वृद्धि के साथ सिस्टम की जातिलताएं भी कम होनी चाहिए. अन्य वक्ताओं में शामिल रहे – कृष्णा बिष्ट प्रधान, गैरलेख,कैलाश पवार, अयार्तोली, मोहन राणा,दीपक सिंह रावत, दीपा जोशी, तिलसारी आदि.



















