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गरुड़ में पहली बार वाल्मीकि शोभायात्रा

महर्षि वाल्मीकि जयंती के सुअवसर पर नगर पंचायत गरुड़ में पहली बार वाल्मीकि शोभायात्रा का भव्य आयोजन किया गया। नगर पंचायत के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में विभिन्न पौराणिक झांकियों ने क्षेत्रवासियों का मन मोह लिया।

गरुड़ नगर मेँ महर्षि वाल्मिकी जयंती पर झांकी का दृश्य

दिल्ली दरबार के समीप स्थित एक होटल से शुरू होकर यह शोभायात्रा बैजनाथ तिराहे तक पहुंची। शोभायात्रा में भगवान श्री राम, लक्ष्मण, माता जानकी और महर्षि वाल्मीकि के स्वरूपों के साथ-साथ मां काली, भगवान शिव और शिवगणों की सजीव झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।

शोभायात्रा एवं वाल्मीकि जयंती पर गणमान्य व्यक्तियों के विचार

शिव सिंह बिष्ट (दर्जाधारी मंत्री):

“यह आयोजन सामाजिक समरसता का एक उत्तम उदाहरण है। नगर पंचायत गरुड़ द्वारा शोभायात्रा निकालने की यह पहल अत्यंत सराहनीय एवं स्वागत योग्य है।”

भावना वर्मा (अध्यक्ष, नगर पंचायत गरुड़):

“महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों और सीख को अपने जीवन में उतारने की महती आवश्यकता है। आज की यह शोभायात्रा समाज में एकता और बंधुत्व का संदेश देती है।”

>सर्वेश (पर्यावरण मित्र):

“महर्षि वाल्मीकि जयंती के इस पावन अवसर पर निकली शोभायात्रा को सभी का भरपूर सहयोग मिला है। आगामी वर्ष में इस झांकी को और भी भव्य रूप में निकाला जाएगा।”

व्यवस्था पर उठते सवाल

जहाँ एक ओर वाल्मीकि जयंती पर सांस्कृतिक झांकियों का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया, वहीं दूसरी ओर बुनियादी समस्याओं को लेकर चिंता भी जताई गई।

वरिष्ठ पत्रकार हरीश जोशी ने आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि सड़कों में पड़े गड्ढों के कारण क्षेत्र में पहले से ही धूल उड़ रही थी। शोभायात्रा के दौरान उड़ती धूल से पर्यावरण प्रदूषण की समस्या और बढ़ गई, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

रिपोर्ट: विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र

 

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