जीवन शैली

90 वर्षीय जानकी देवी ने ली अंतिम सांस

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय लक्ष्मी दत्त काण्डपाल की 90 वर्षीय धर्मपत्नी जानकी देवी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर गरुड़ (बागेश्वर): जनपद के गरुड़ ब्लॉक से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोहारचोरा निवासी और प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय लक्ष्मी दत्त काण्डपाल की धर्मपत्नी श्रीमती जानकी देवी का शनिवार रात्रि लगभग 11

अपराध पर ऑपरेशन प्रहार

बागेश्वर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, चोरी की बाइक बरामद; कांडा में हुई बड़ी चोरी पर पुलिस के हाथ अब भी खाली बागेश्वर, जनपद में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बागेश्वर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल के साथ एक अभियुक्त

मजदूर दिवस: संघर्ष, संकल्प और सवाल

मजदूर दिवस: संघर्ष का इतिहास और भारत में वर्तमान की हकीकत विपिन जोशी हर साल 1 मई को दुनिया भर में ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ या ‘मजदूर दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन केवल एक छुट्टी नहीं है, बल्कि लाल झंडों और गगनभेदी नारों के बीच उस ऐतिहासिक संघर्ष को याद करने का दिन है, जिसने

आधुनिक सुविधाओं से लैस गरुड़ पुस्तकालय

विपिन जोशी शिक्षा और जागरूकता का दशक गरुड़ क्षेत्र में ज्ञान और शिक्षा की अलख जगाती ‘गरुड़ सिविल सोसायटी’ का प्रयास आज के डिजिटल युग में एक मिसाल बन गया है। पिछले एक दशक से निरंतर संचालित यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह मात्र नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को गढ़ने का एक

गोल ज्यू संदेश यात्रा का शुभारंभ

उत्तराखंड की देवभूमि में आस्था और संस्कृति का संगम एक बार फिर श्री गोल ज्यू संदेश यात्रा 2026 के रूप में दिखाई दे रहा है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल के सांस्कृतिक भूगोल को जोड़ने वाला एक जीवंत सेतु है। न्यायए के देवता की संदेश यात्रा: आस्था और सांस्कृतिक

साहसिक पर्यटन का आगाज : खुल गया पिंडारी ट्रेक

विपिन जोशी साहसिक पर्यटन का नया आगाज़: खुल गए पिण्डारी ग्लेशियर के द्वार, सुरम्य वादियों में गूँजेगी अब पदचापों की थाप कपकोट: पिण्डारी ग्लेशियर कुमाऊं हिमालय का एक प्रमुख ग्लेशियर है, जो नंदा देवी और नंदा कोट चोटियों के बीच स्थित है। यह पिण्डर नदी का उद्गम स्थल भी है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता व

चाहे बल्द बैचे जो, स्याल्दे जरूर जांण छू

चाहे बल्द बैचे जो, स्याल्दे जरूर जांण छू (स्याल्दे—बिखौती कौतिक पर विशेष) आज द्वाराहाट में हूं, स्याल्दे-बिखौती के मेले में। अक्सर आता ही हूं, हर साल। हमारे यहां कहावत है कि चाहे ‘बल्द बिचै जो लेकिन स्याल्दे-बिखौति जांण छू।’ स्याल्दे-बिखौती कई यादें लेकर आती है। सत्तर का दशक। 1974-75 का समय। हम बहुत छोटे थे।

समता और संवैधानिक नैतिकता का आह्वान

विपिन जोशी .. समता और संवैधानिक नैतिकता का आह्वान दीपशिखा से प्रज्वलित हुआ समता का संकल्प कोट भ्रामरी के पावन प्रांगण में ‘समता सद्भावना मंच’ के तत्वावधान में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरी वैचारिक गरिमा के साथ मनाई गई। समारोह का आगाज पद्मश्री राधा भट्ट, उत्तरकाशी से आए सर्वोदयी सुरेश भाई, नगर

गरुड़ में गूंजा समता का स्वर

बाबा साहेब की जयंती पर दीपों से जगमगाया सांस्कृतिक मंच गरुड़ (बागेश्वर):भारतीय संविधान के शिल्पी, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर कोट भ्रामरी स्थित अंबेडकर सांस्कृतिक मंच आस्था, सद्भावना और वैचारिक क्रांति का केंद्र बन गया। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर बाबा साहेब को

नदी में बहती संवेदना और दम तोड़ता विज्ञान

नर्मदा के तट पर मंत्रोच्चार हो रहे थे, शंख बज रहे थे और ग्यारह हजार लीटर सफेद, शुद्ध दूध पवित्र धारा में विसर्जित किया जा रहा था। किनारे खड़ी भीड़ इसे ‘महा-अनुष्ठान’ कह रही थी, सोशल मीडिया इसे ‘परंपरा’ बता रहा था, लेकिन क्या किसी ने उस दूध की धार में दम तोड़ते जलीय जीवन और इतिहास के पन्नों में सिसकते ‘अश्वत्थामा’ को देखा?
यह घटना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आधुनिक व्यवस्था, अंधी आस्था और वैज्ञानिक समझ के बीच के गहरे द्वंद्व का प्रतिबिंब है।
इतिहास का दोहराव: धृतराष्ट्र की सत्ता और अश्वत्थामा का कटोरा
हस्तिनापुर का वह काल याद कीजिए, जहाँ धृतराष्ट्र सत्ता के केंद्र में थे। आँखें नहीं थीं, इसलिए दृश्य गौण थे और मोह प्रधान। उस दौर में भी दूध संपन्नता का प्रतीक था। कौरवों के महलों में दूध की नदियाँ बहती थीं, लेकिन उसी राज्य में गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा दूध के लिए तरसता था।

90 वर्षीय जानकी देवी ने ली अंतिम सांस

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय लक्ष्मी दत्त काण्डपाल की 90 वर्षीय धर्मपत्नी जानकी देवी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर गरुड़ (बागेश्वर): जनपद के गरुड़ ब्लॉक से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोहारचोरा निवासी और प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय लक्ष्मी दत्त काण्डपाल की धर्मपत्नी श्रीमती जानकी देवी का शनिवार रात्रि लगभग 11

अपराध पर ऑपरेशन प्रहार

बागेश्वर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, चोरी की बाइक बरामद; कांडा में हुई बड़ी चोरी पर पुलिस के हाथ अब भी खाली बागेश्वर, जनपद में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बागेश्वर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल के साथ एक अभियुक्त

मजदूर दिवस: संघर्ष, संकल्प और सवाल

मजदूर दिवस: संघर्ष का इतिहास और भारत में वर्तमान की हकीकत विपिन जोशी हर साल 1 मई को दुनिया भर में ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ या ‘मजदूर दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन केवल एक छुट्टी नहीं है, बल्कि लाल झंडों और गगनभेदी नारों के बीच उस ऐतिहासिक संघर्ष को याद करने का दिन है, जिसने

आधुनिक सुविधाओं से लैस गरुड़ पुस्तकालय

विपिन जोशी शिक्षा और जागरूकता का दशक गरुड़ क्षेत्र में ज्ञान और शिक्षा की अलख जगाती ‘गरुड़ सिविल सोसायटी’ का प्रयास आज के डिजिटल युग में एक मिसाल बन गया है। पिछले एक दशक से निरंतर संचालित यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह मात्र नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को गढ़ने का एक

गोल ज्यू संदेश यात्रा का शुभारंभ

उत्तराखंड की देवभूमि में आस्था और संस्कृति का संगम एक बार फिर श्री गोल ज्यू संदेश यात्रा 2026 के रूप में दिखाई दे रहा है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल के सांस्कृतिक भूगोल को जोड़ने वाला एक जीवंत सेतु है। न्यायए के देवता की संदेश यात्रा: आस्था और सांस्कृतिक

साहसिक पर्यटन का आगाज : खुल गया पिंडारी ट्रेक

विपिन जोशी साहसिक पर्यटन का नया आगाज़: खुल गए पिण्डारी ग्लेशियर के द्वार, सुरम्य वादियों में गूँजेगी अब पदचापों की थाप कपकोट: पिण्डारी ग्लेशियर कुमाऊं हिमालय का एक प्रमुख ग्लेशियर है, जो नंदा देवी और नंदा कोट चोटियों के बीच स्थित है। यह पिण्डर नदी का उद्गम स्थल भी है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता व

चाहे बल्द बैचे जो, स्याल्दे जरूर जांण छू

चाहे बल्द बैचे जो, स्याल्दे जरूर जांण छू (स्याल्दे—बिखौती कौतिक पर विशेष) आज द्वाराहाट में हूं, स्याल्दे-बिखौती के मेले में। अक्सर आता ही हूं, हर साल। हमारे यहां कहावत है कि चाहे ‘बल्द बिचै जो लेकिन स्याल्दे-बिखौति जांण छू।’ स्याल्दे-बिखौती कई यादें लेकर आती है। सत्तर का दशक। 1974-75 का समय। हम बहुत छोटे थे।

समता और संवैधानिक नैतिकता का आह्वान

विपिन जोशी .. समता और संवैधानिक नैतिकता का आह्वान दीपशिखा से प्रज्वलित हुआ समता का संकल्प कोट भ्रामरी के पावन प्रांगण में ‘समता सद्भावना मंच’ के तत्वावधान में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरी वैचारिक गरिमा के साथ मनाई गई। समारोह का आगाज पद्मश्री राधा भट्ट, उत्तरकाशी से आए सर्वोदयी सुरेश भाई, नगर

गरुड़ में गूंजा समता का स्वर

बाबा साहेब की जयंती पर दीपों से जगमगाया सांस्कृतिक मंच गरुड़ (बागेश्वर):भारतीय संविधान के शिल्पी, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर कोट भ्रामरी स्थित अंबेडकर सांस्कृतिक मंच आस्था, सद्भावना और वैचारिक क्रांति का केंद्र बन गया। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर बाबा साहेब को

नदी में बहती संवेदना और दम तोड़ता विज्ञान

नर्मदा के तट पर मंत्रोच्चार हो रहे थे, शंख बज रहे थे और ग्यारह हजार लीटर सफेद, शुद्ध दूध पवित्र धारा में विसर्जित किया जा रहा था। किनारे खड़ी भीड़ इसे ‘महा-अनुष्ठान’ कह रही थी, सोशल मीडिया इसे ‘परंपरा’ बता रहा था, लेकिन क्या किसी ने उस दूध की धार में दम तोड़ते जलीय जीवन और इतिहास के पन्नों में सिसकते ‘अश्वत्थामा’ को देखा?
यह घटना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आधुनिक व्यवस्था, अंधी आस्था और वैज्ञानिक समझ के बीच के गहरे द्वंद्व का प्रतिबिंब है।
इतिहास का दोहराव: धृतराष्ट्र की सत्ता और अश्वत्थामा का कटोरा
हस्तिनापुर का वह काल याद कीजिए, जहाँ धृतराष्ट्र सत्ता के केंद्र में थे। आँखें नहीं थीं, इसलिए दृश्य गौण थे और मोह प्रधान। उस दौर में भी दूध संपन्नता का प्रतीक था। कौरवों के महलों में दूध की नदियाँ बहती थीं, लेकिन उसी राज्य में गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा दूध के लिए तरसता था।