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अपराध पर ऑपरेशन प्रहार

बागेश्वर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, चोरी की बाइक बरामद; कांडा में हुई बड़ी चोरी पर पुलिस के हाथ अब भी खाली
बागेश्वर, जनपद में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बागेश्वर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, हालांकि कांडा क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की घटना ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है।
कपकोट के बसकुना निवासी दीपक सिंह मेहता की मोटरसाइकिल चोरी होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। उपनिरीक्षक संजय धौनी के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्यवाही करते हुए 29 अप्रैल 2026 को जगदीश चन्द्र नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पकड़े जाने के डर से अभियुक्त ने बाइक की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर डाल लगा ली और वाहन में बदलाव भी कर दिया था। इस कारण पुलिस ने मुकदमे में धोखाधड़ी और पहचान छिपाने से संबंधित बीएनएस की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
कांडा: बुजुर्ग दंपति के घर ‘सेंधमारी’
एक तरफ जहाँ पुलिस बाइक चोर को पकड़ने में सफल रही, वहीं कांडा तहसील के करड़िया गांव में हुई एक दुस्साहसिक चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ बुजुर्ग जीवन चंद्र कर्नाटक के घर से चोरों ने 5 तोला सोना और करीब 70 हजार रुपये पार कर दिए।

कांडा में बुजुर्ग दंपती के घर पाँच लाख का सोना चोरी
कांडा में बुजुर्ग दंपती के घर पाँच लाख का सोना चोरी

घटना के वक्त बुजुर्ग दंपति खेतों में गेहूं की कटाई के लिए गए थे। वापस लौटने पर घर का सामान बिखरा मिला और जेवरात का बक्सा ही गायब था।
अपनों की मिलीभगत का शक –
पीड़ित के पुत्र कैलाश कर्नाटक, जो हल्द्वानी में व्यवसायी हैं, का कहना है कि उनका घर मुख्य रास्तों से 3 किमी पैदल दूरी पर है। बिना किसी सटीक सूचना या मिलीभगत के इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं लगती।
कमस्यारघाटी को ‘सैनिकों की घाटी’ भी कहा जाता है। यहाँ हर दूसरे घर से बेटा बॉर्डर पर तैनात है और पीछे बूढ़े माता-पिता अकेले रहते हैं। इस घटना के बाद सरहद पर डटे जवानों की अपने माता-पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
थानाध्यक्ष बलवंत कम्बोज और जांच अधिकारी एसआई लता खत्री ने बताया कि पुलिस लगातार गांव में रहकर हर पहलू की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पलायन के कारण गांवों में बचे बुजुर्गों के बीच अब जंगली जानवरों के साथ-साथ चोरी और नशे जैसी आपराधिक घटनाओं का भय भी समा गया है।
कैलाश कर्नाटक ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि इस घटना का जल्द खुलासा किया जाए ताकि भविष्य में किसी और का घर न उजड़े।
रिपोर्ट: विपिन जोशी (स्वर स्वतंत्र न्यूज़)

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