एजुकेशन

भीमराव अंबेडकर का अपमान क्यों : विपिन जोशी

संसद में देश के गृहमंत्री ने डाक्टर भीमराव अंबेडकर पर अमर्यादित टिप्पणी करके पूरे देश में खलबली मचा दी है. कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष आज भीमराव अंबेडकर के अपमान पर आक्रोशित है. पिछड़े और हाशिए के लोगों के लिए डाक्टर भीमराव अंबेडकर उनकी विचारधारा के आराध्य हैं. संविधान प्रद्दत लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्षधर लोग अब

पिघलता हिमालय

विपिन जोशी दिसंबर 2024 शनिवार का दिन। चटख धूप है आसमान बादल रहित है। हिमालय पर्वत साफ स्वच्छ है। हिम विहीन पर्वत उजाड़ सा लग रहा है। साथ में इसी सप्ताह प्रदेश में हिमालय दिवस समारोह मनाया गया है। प्रोजेक्टर पर स्लाइड शो चले हैं, विशेषज्ञों के भाषण चले हैं, पत्रकारों, लेखकों ने अपने अनुभव

चरखा के दिशा गृह : विपिन जोशी

उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ ऐसे केंद्रों की कल्पना कीजिए जो गांव की किशोरियों को पढ़ने लिखने की संस्कृति से जोड़े, मुखर अभिव्यक्ति के अवसर दे और आजीविका के गुर भी सीखे। इस कल्पना को चरखा मीडिया डेवल्पमेंट संस्था ने अक्टूबर 2021 में धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की है। चर्खा मिडिया डेवलपमेंट

डिजिटल अरैस्ट से डरें नहीं जागरूक बनें : विपिन जोशी

इंटरनेट की दुनियां में साइबर ठगी एक नए धंधे के रूप में उभरता बिनजैस है। यह धंधा अवैध है इसको रोकने के लिए कानून में साइबर सैल गठित किए हैं जहां रिपोर्ट करने के बाद जांच पड़ताल होती है। इंटरनेट डिजिटल अरैस्ट का नाम सुनते ही बड़े नामी गिरामी लोग सतके में आ जाते हैं।

शिक्षा में समुदाय की भागीदारी

विपिन जोशी संकुल संसाधन केंद्र गढशेर में सामुदायिक सहभागिता प्रशिक्षण जारी है।आज द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण में ग्राम अना, डाक, फल्याटी, पाडियारखेत के अभिभावकों ने प्रतिभाग किया। दूसरे दिवस का प्रारंभ प्रथम दिवस के रीकैप से किया गया। समुदाय का शिक्षा में योगदान। समग्र शिक्षा और शैक्षिक गुणवत्ता, बच्चों का स्कूल में ठहराव, बाल अधिकार

क्यों जरूरी है समता सदभावना संवाद : विपिन जोशी

धरती का हर जीव सम्मान के लिए जीता है। मनुश्य किसी भी देश या समाज का हो उसके लिए जीवन में पहली प्राथमिकता होती है सम्मान पूर्वक जीवन चर्या। जिसे पाने के लिए शिक्षा और परिवार उसका सहारा बनती है। परिवार में बेहतर संबंधों के साथ जीवन निर्वहन हो सके इसके लिए देश और संविधान

उत्तराखंड के धधकते जंगल : विपिन जोशी

उत्तराखंड के वन यहाँ की जैव संपदा हिमालय का जीवन आधार है. सर्दिया आते ही वनों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो जाता है. वन विभाग के पास ना तो उचित संसाधन हैं ना ही उनके पास आग बुझाने के लिए उपयुक्त कार्मिक, जो हैं उनकी स्थति भी बेहतर नहीं है. बिना मैन पॉवर

समता संवाद केन्द्र सार्थक पहल : विपिन जोशी

11 नवंबर 2024 को देश के जाने माने बुद्धिजीवियों का जमावड़ा गरूड़ कत्यूर घाटी के कोट भ्रामरी मंदिर के करीब जुटा। मौका था कोट मंदिर के समीप समता संवाद केन्द्र के उदघाटन का। डंगोली गॉव की नंदिनी आर्या ने अपने पिता प्रकाश चन्द्र आर्य और सहयोगी समाज सेवी भुवन पाठक के सहयोग से समता केन्द्र

बागेश्वर में मनाया गया संविधान दिवस

विपिन जोशी बागेश्वर, 26 नवंबर 2024 को जनपद कांग्रेस कार्यालय में भागवत सिंह डसीला अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी जनपद बागेश्वर के नेतृत्व में संविधान दिवस धूमधाम मनाया गया। 26 नवंबर 1949 को देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को अपनाया था, यह संविधान ही हैं जो भारत को एक सूत्र में पिरौता हैं। इसी

भू कानून पर जन संवाद

भू कानून विषय पर गरुड़ तहसील में एक बैठक आयोजित की गई,बैठक की अध्यक्षता एसडीएम गरुड़ ने की,बैठक का संचालन एडवोकेट जे सी आर्या ने किया। बैठक का प्रमुख मुद्दा था भू कानून के संबंध में आमंत्रित सुझाव। एसडीएम गरुड़ जितेन्द्र वर्मा ने भू कानून मुद्दे पर अपने विचार साझा करते हुए कहां कि उत्तराखंड

भीमराव अंबेडकर का अपमान क्यों : विपिन जोशी

संसद में देश के गृहमंत्री ने डाक्टर भीमराव अंबेडकर पर अमर्यादित टिप्पणी करके पूरे देश में खलबली मचा दी है. कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष आज भीमराव अंबेडकर के अपमान पर आक्रोशित है. पिछड़े और हाशिए के लोगों के लिए डाक्टर भीमराव अंबेडकर उनकी विचारधारा के आराध्य हैं. संविधान प्रद्दत लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्षधर लोग अब

पिघलता हिमालय

विपिन जोशी दिसंबर 2024 शनिवार का दिन। चटख धूप है आसमान बादल रहित है। हिमालय पर्वत साफ स्वच्छ है। हिम विहीन पर्वत उजाड़ सा लग रहा है। साथ में इसी सप्ताह प्रदेश में हिमालय दिवस समारोह मनाया गया है। प्रोजेक्टर पर स्लाइड शो चले हैं, विशेषज्ञों के भाषण चले हैं, पत्रकारों, लेखकों ने अपने अनुभव

चरखा के दिशा गृह : विपिन जोशी

उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ ऐसे केंद्रों की कल्पना कीजिए जो गांव की किशोरियों को पढ़ने लिखने की संस्कृति से जोड़े, मुखर अभिव्यक्ति के अवसर दे और आजीविका के गुर भी सीखे। इस कल्पना को चरखा मीडिया डेवल्पमेंट संस्था ने अक्टूबर 2021 में धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की है। चर्खा मिडिया डेवलपमेंट

डिजिटल अरैस्ट से डरें नहीं जागरूक बनें : विपिन जोशी

इंटरनेट की दुनियां में साइबर ठगी एक नए धंधे के रूप में उभरता बिनजैस है। यह धंधा अवैध है इसको रोकने के लिए कानून में साइबर सैल गठित किए हैं जहां रिपोर्ट करने के बाद जांच पड़ताल होती है। इंटरनेट डिजिटल अरैस्ट का नाम सुनते ही बड़े नामी गिरामी लोग सतके में आ जाते हैं।

शिक्षा में समुदाय की भागीदारी

विपिन जोशी संकुल संसाधन केंद्र गढशेर में सामुदायिक सहभागिता प्रशिक्षण जारी है।आज द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण में ग्राम अना, डाक, फल्याटी, पाडियारखेत के अभिभावकों ने प्रतिभाग किया। दूसरे दिवस का प्रारंभ प्रथम दिवस के रीकैप से किया गया। समुदाय का शिक्षा में योगदान। समग्र शिक्षा और शैक्षिक गुणवत्ता, बच्चों का स्कूल में ठहराव, बाल अधिकार

क्यों जरूरी है समता सदभावना संवाद : विपिन जोशी

धरती का हर जीव सम्मान के लिए जीता है। मनुश्य किसी भी देश या समाज का हो उसके लिए जीवन में पहली प्राथमिकता होती है सम्मान पूर्वक जीवन चर्या। जिसे पाने के लिए शिक्षा और परिवार उसका सहारा बनती है। परिवार में बेहतर संबंधों के साथ जीवन निर्वहन हो सके इसके लिए देश और संविधान

उत्तराखंड के धधकते जंगल : विपिन जोशी

उत्तराखंड के वन यहाँ की जैव संपदा हिमालय का जीवन आधार है. सर्दिया आते ही वनों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो जाता है. वन विभाग के पास ना तो उचित संसाधन हैं ना ही उनके पास आग बुझाने के लिए उपयुक्त कार्मिक, जो हैं उनकी स्थति भी बेहतर नहीं है. बिना मैन पॉवर

समता संवाद केन्द्र सार्थक पहल : विपिन जोशी

11 नवंबर 2024 को देश के जाने माने बुद्धिजीवियों का जमावड़ा गरूड़ कत्यूर घाटी के कोट भ्रामरी मंदिर के करीब जुटा। मौका था कोट मंदिर के समीप समता संवाद केन्द्र के उदघाटन का। डंगोली गॉव की नंदिनी आर्या ने अपने पिता प्रकाश चन्द्र आर्य और सहयोगी समाज सेवी भुवन पाठक के सहयोग से समता केन्द्र

बागेश्वर में मनाया गया संविधान दिवस

विपिन जोशी बागेश्वर, 26 नवंबर 2024 को जनपद कांग्रेस कार्यालय में भागवत सिंह डसीला अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी जनपद बागेश्वर के नेतृत्व में संविधान दिवस धूमधाम मनाया गया। 26 नवंबर 1949 को देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को अपनाया था, यह संविधान ही हैं जो भारत को एक सूत्र में पिरौता हैं। इसी

भू कानून पर जन संवाद

भू कानून विषय पर गरुड़ तहसील में एक बैठक आयोजित की गई,बैठक की अध्यक्षता एसडीएम गरुड़ ने की,बैठक का संचालन एडवोकेट जे सी आर्या ने किया। बैठक का प्रमुख मुद्दा था भू कानून के संबंध में आमंत्रित सुझाव। एसडीएम गरुड़ जितेन्द्र वर्मा ने भू कानून मुद्दे पर अपने विचार साझा करते हुए कहां कि उत्तराखंड