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कांडा कमस्यार में महातपस्या जारी

विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र
जनता की पुकार : कांडा कमस्यार विकासखंड के लिए 18वें दिन भी जारी रही ‘महातपस्या’
कांडा (बागेश्वर): लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सर्वोपरि होती है, और जब यह आवाज संकल्प बन जाए, तो वह ‘महातपस्या’ का रूप ले लेती है। कांडा कमस्यार को नया विकासखंड बनाने की मांग अब एक जन-आंदोलन बन चुकी है। माँ काली मंदिर के प्रांगण में चल रहा धरना आज 18वें दिन में प्रवेश कर गया है, जो क्षेत्र की जनता के अटूट धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है।
विकास की आस: अनशन पर साथ बैठा ‘दंपत्ति’
इस आंदोलन की सबसे भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर आज तब देखने को मिली, जब ग्राम पंचायत पगना से मनोज कुमार और उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी एक साथ क्रमिक अनशन पर बैठे। एक ही परिवार के पति-पत्नी का इस तपस्या में शामिल होना यह दर्शाता है कि नए विकासखंड की मांग केवल एक प्रशासनिक जरूरत नहीं, बल्कि हर घर के भविष्य का सवाल है। उनके साथ पालीबग्याली से राजेन्द्र सिंह कर्म्याल और धरम सिंह कर्म्याल भी अनशन पर डटे रहे।
खेती-किसानी छोड़ हक की लड़ाई में जुटे ग्रामीण
वर्तमान में पहाड़ में खेती-किसानी का व्यस्त सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन आंदोलनकारियों का जज्बा कम नहीं हुआ है। वक्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है:
“खेतों में काम जरूरी है, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के हक के लिए ब्लॉक का गठन उससे भी ज्यादा जरूरी है। इस बार हम अपनी मांग मनवाकर ही दम लेंगे।”
40 गांवों का भविष्य दांव पर
आंदोलनकारियों का कहना है कि कांडा और कमस्यार घाटी के लगभग 40 गांवों का विकास पूरी तरह ठप पड़ा है। एक छोटे से प्रमाण पत्र या सरकारी काम के लिए ग्रामीणों को मीलों दूर जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह मांग केवल भौगोलिक सीमा की नहीं, बल्कि सुलभ न्याय और त्वरित विकास की है।
जन-समर्थन का सैलाब

गुरुवार सुबह मंदिर प्रांगण में भारी नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर गोविंद सिंह भंडारी, अशोक भंडारी, अशोक जोशी, दरपान सिंह धपोला, बंशीधर कांडपाल, रूप सिंह माजिला, आलम मेहरा, जितेंद्र वर्मा समेत भारी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
हमारा संकल्प:
स्वतंत्र स्वर हमेशा जनता की जायज मांगों के साथ खड़ा है। जब तक कांडा कमस्यार के आंगन में विकास का नया सूरज (विकासखंड) नहीं उगेगा, यह आवाज दबने वाली नहीं है। प्रशासन को अब और देरी किए बिना जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए

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