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सफलता का शिखर: रक्षित पंत और सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल की गौरवगाथा

सफलता का शिखर: रक्षित पंत और सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल की गौरवगाथा
यह कहानी है संकल्प, समर्पण और शिक्षा के प्रति अटूट विश्वास की। जब साल 2026 के सीबीएसई 10वीं बोर्ड के परिणाम घोषित हुए, तो बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। इस सफलता के केंद्र में थे। सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल के होनहार छात्र रक्षित पंत
संकल्प से सिद्धि तक

रक्षित पंत ने 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे बागेश्वर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। रक्षित की यह उपलब्धि केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं थी; यह उनके उस अनुशासन का परिणाम थी, जिसकी नींव उनके घर में ही रखी गई थी।
रक्षित के माता-पिता स्वयं शिक्षा जगत से जुड़े हैं। उनकी माता राजकीय प्राथमिक विद्यालय में और पिता इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। घर के शैक्षिक वातावरण और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने रक्षित को हमेशा कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। रक्षित अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ, पिता और अपने गुरुजनों को देते हैं। विद्यालय का गौरवपूर्ण प्रदर्शन
सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल, गरुड़ ने इस बार भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। विद्यालय का परिणाम **शत-प्रतिशत (100%) रहा।
*कुल छात्र: 70
*प्रदर्शन: सभी 70 छात्रों ने प्रथम श्रेणी (60% से अधिक) प्राप्त की।
अन्य मेधावी सितारे: नियति अगरकोटी (96.6%)
* यश मिश्रा (96.4%)
* शिवांशी जोशी (94.8%)
* हर्षिता दीपक (94.6%)
* रिया पुरोहित (94.4%)
* प्रतीक्षा गोस्वामी (94%)
* विजय पंत (93.4%)
प्रधानाचार्य जावेद सिद्दकी ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए एक महत्वपूर्ण सीख दी:
“सफलता प्राप्त करने के बाद रुकना नहीं है, बल्कि अपने जीवन के अगले बड़े लक्ष्य की ओर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”
भविष्य की राह: कोटा से देश सेवा तक
रक्षित का सफर अभी शुरू हुआ है। अपनी प्रारंभिक सफलता के बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए राजस्थान के **कोटा** जाने का निर्णय लिया है। उनका सपना एक **सफल इंजीनियर** बनकर देश की सेवा करना है। उनके इरादे स्पष्ट हैं और लक्ष्य ऊंचा।
अनुभवी संदेश: अंकों से आगे का जीवन
इस सफलता के अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया:
*सुरेन्द्र वर्मा (शिक्षक व लेखक): उन्होंने छात्रों को चेताया कि अंक तालिका केवल एक मानक है। असली परीक्षा स्कूल के बाद समाज में शुरू होगी। उन्होंने अंकों के साथ-साथ ‘भावनात्मक मजबूती’ और ‘बौद्धिक समझ’ के तालमेल पर जोर दिया।
*मीतू पंत (शिक्षिका): रक्षित की माता मीतू पंत ने साझा किया कि उन्होंने हमेशा रक्षित को समग्र विकास और रचनात्मकता के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि बच्चों के सपनों को आकार देना हर अभिभावक का पहला कर्तव्य है।
गरुड़ क्षेत्र का सामूहिक गौरव
सिर्फ सेंट एडम्स ही नहीं बल्कि केंद्रीय विद्यालय कौसानी और कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल गरुड़ ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कंट्रीवाइड की *याशिका पंत (97.2%), प्रशांत बिष्ट, संस्कृति भारद्वाज और राहुल बिष्ट जैसे छात्रों ने यह साबित कर दिया कि गरुड़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
रक्षित पंत और उनके साथियों की यह सफलता हमें सिखाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और कड़ा परिश्रम मिल जाए, तो पहाड़ों की ऊंचाइयों से भी ऊंचे सपने सच किए जा सकते हैं। रक्षित अब अपने सपनों के पंख फैलाकर एक नए आकाश की ओर उड़ने को तैयार हैं।

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