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साधना कोर्स: लक्ष्मी आश्रम में 1 जून 2024 से प्रारंभ

Vipin Joshi

उत्तराखंड,  लक्ष्मी आश्रम कौसानी  में 1 जून 2024 से प्रारंभ हो रहा है .युवा पीढ़ी में सही जीवन मूल्यों को विकसित करने तथा उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए लक्ष्मी आश्रम कौसानी विगत तीन दशकों से आश्रम परिसर में साधन कोर्स का संचालन कर रहा है। कार्यक्रम के मूल में मनुष्य जीवन के चार प्रमुख आयामों को लिया गया है। ये चार आयाम हैं शारीरिक, वैचारिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक। इन चारों आयामों पर विस्तार से काम करने की प्रक्रिया है साधना कोर्स। वैचारिक स्वतंत्रता के साथ आर्थिक आजादी मौजूदा युग का जरूरी सवाल है इसके लिए युवाओं को उद्यमशीलता और विविध प्रकार के कौशलों से भी रूबरू करवाया जाता है। सामाजिक बदलाव की बातें ही नहीं होती वरन बदलाव के लिए युवा पीढ़ी को हर तरह से सक्षम बनाने की कवायद भी की जाती है। यही साधना कोर्स की खासियत है।

सधना कोर्स की समयावधि एक साल है। कोर्स में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास या समकक्ष तथा पढ़ने-लिखने व समझने की अच्छी क्षमता होनी जरूरी है। अभ्यर्थी की आयु सीमा 25 वर्ष है। समाज की हर वर्ग की बालिकाएं जिनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा है इस कोर्स में शामिल हो सकती हैं। अभी यह कोर्स सिर्फ बालिकाओं के लिए चलाया जा रहा है। इसके साथ ऐसी बालिकाएं जो शारीरिक, वैचारिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनने की इच्छुक हो, कौशल प्रशिक्षण में जिनकी रूचि हो, साहित्यक रूचि हो, व्यक्तित्व विकास के नए विचारों व हुनर को सीखने में रूचि हो, हस्तकला सीखने की इच्छा हो, शरीर श्रम, योगासन, वैचारिक श्रम व ध्यान मंे रूचि हो, घर से बाहर, राज्य के अन्दर या राज्य के बाहर अथवा देश के अन्य राज्यों में विविधता पूर्ण संस्कृतियों से परिचित होने तथा उनसे सीखने की जिज्ञासा हो, इस कोर्स में शामिल हो सकती हैं। वैचारिक मजबूती के साथ आर्थिक रूप से कैसे सबल हों इसके लिए कम्प्यूटर कोर्स, हस्तकला, बेकरी उद्योग से आजीविका, योग प्रशिक्षण में आयूष मंत्रालय व भारतीय गुणवत्ता परिषद द्वारा ऑनलाइन परीक्षा पद्धति से प्रमाणित हो सकते हैं।

कोर्स के दौरान जो भी व्यय प्रति अभ्यर्थी आता है उसे संस्था वहन करती है। अभ्यर्थी को 2000 रूपये फीस के रूप में जमा करने होते हैं। संस्था के कुछ नियम हैं जो कोर्स के दौरान लागू होते हैं – जैसे – प्रशिक्षण के दौरान दस दिन का सामूहिक अवकाश। अतिआवश्यक कार्य होने पर अवकाश। संस्था में सभी कार्य स्वयं किये जाते हैं। अध्ययन की दृष्टि से मोबाइल फोन का उपयोग आवश्यकता पढ़ने पर ही किया जाता है। संस्था में खादी वस्त्र और सादा पहनावा ही स्वीकार्य है। कोर्स बीच में छोड़ने पर अभ्यर्थी से तब तक की राशी वापस ली जायेगी। संस्था के नियमों की अवहेलना करने पर विद्यार्थी को वापस भ्ेजा जा सकता है। संस्था का रहन-सहन सात्विक है अतः इसके लिए मन से तैयार रहने की आवश्कता होती है। प्रवेश के समय अपनी चीजें साथ में लाए – जैसे, हल्का बिस्तर, थाली कटोरा, गिलास, गरम कपड़े, छाता, आदि।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – नीमा दीदी – 8954559646. https://bit.ly/4lakshmiashram

 

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