कौसानी में उत्तराखंड का पहला आवासीय एस्ट्रो टूर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ
कौसानी (बागेश्वर)
दिनांक 28 जनवरी 2026 को उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा संचालित
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र की विधायिका पार्वती दास एवं होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पर्यटन विकास अधिकारी, बागेश्वर पी के गौतम द्वारा की गई।
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष सत्र में मुख्य आकर्षण के रूप में उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) की अतिरिक्त निदेशक पूनम चंद ने ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों से सीधा संवाद किया और सभी प्रतिभागियों को इस अभिनव पहल के लिए शुभकामनाएँ एवं प्रेरणादायी संदेश दिया।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक स्थानीय एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से आए प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अनासक्ति आश्रम के प्रबंधक रमेशचंद्र पांडे, जिला पंचायत होटल के प्रबंधक पूरन दोसाद, लक्ष्मी आश्रम, कौसानी की ओर से पूरनचंद पांडे , तथा होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी राजेश खड़कवाल मौजूद रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्टार स्केप्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षण अधिकारी के रूप में हेमचंद शर्मा प्रशिक्षणार्थियों को एस्ट्रो टूरिज़्म के विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
यह कार्यक्रम उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित राज्य का पहला आवासीय एस्ट्रो टूर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम है। कौसानी में आयोजित इस प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षणार्थियों के लिए डाक बंगला एवं जिला पंचायत होटल में आवासीय व्यवस्था की गई है, जहाँ राज्य के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागी रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
यह पहल एस्ट्रो टूरिज़्म के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार की एक नई और दूरदर्शी सोच को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत राज्य के 500 युवाओं को इस उभरते पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने हेतु चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण उपरांत प्रतिभागियों को उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) एवं THSC के माध्यम से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जो भविष्य में लाइसेंस के रूप में मान्य होगा।
उक्त 15 दिवसीय एस्ट्रो टूर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद बागेश्वर के कौसानी स्थित अनासक्ति आश्रम में संपन्न हो रहा है।
एस्ट्रो टूर गाइड एक विशेष प्रकार का टूर गाइड होता है जो एस्ट्रो-टूरिज्म या खगोल पर्यटन (Astro-tourism) से जुड़े टूर को लीड करता है। एस्ट्रो टूर गाइड पर्यटकों को रात के आसमान में तारे, ग्रह, आकाशगंगा, निहारिकाएँ ,उल्कापिंड आदि दिखाने और समझाने का काम करता है।
वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को एस्ट्रो-टूरिज्म में स्किल्ड बनाना है ताकि वे प्रमाणित एस्ट्रो टूर गाइड बनकर रोजगार पा सकें और राज्य में डार्क स्काई टूरिज्म को बढ़ावा मिले।
एस्ट्रो टूर गाइड खगोल विज्ञान की बेसिक जानकारी रखते हैं। वे टेलीस्कोप, बाइनोकुलर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करके आसमान के खूबसूरत नज़ारे दिखाते हैं। प्रकाश प्रदूषण (light pollution) से दूर वाली जगहों (जैसे डार्क स्काई रिज़र्व, पहाड़ी इलाके, रेगिस्तान) पर टूर आयोजित करते हैं। पर्यटकों को एस्ट्रोफोटोग्राफी (तारों की फोटोग्राफी), और खगोलीय घटनाओं (जैसे ग्रहण, उल्का वर्षा) के बारे में बताते और एक्सप्लेन करते हैं।
कई जगहों पर अब प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चल रहे हैं, जैसे उत्तराखंड में भारत का पहला एस्ट्रो-टूर गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम, या हनले डार्क स्काई रिज़र्व में कोर्स।
भारत में इन जगहों पर चल रहे हैं कोर्स
– उत्तराखंड (पिथौरागढ़, धिकुली आदि) में अब एस्ट्रो-टूर गाइड्स को ट्रेनिंग दी जा रही है।
– मध्य प्रदेश में भी एस्ट्रो टूरिज्म विलेज बन रहे हैं जहाँ लोकल गाइड्स तारों के टूर चलाते हैं।
– लेह हनले जैसे इलाकों में भी ऐसे टूर बहुत पॉपुलर हैं।
एस्ट्रो टूर गाइड “तारों का टूर गाइड” है जो पर्यटकों को शहर की लाइट्स से दूर ले जाकर ब्रह्मांड की सैर करवाता है और आसमान की खूबसूरती को समझाता है।
उत्तराखंड में एस्ट्रो टूर गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम भारत का पहला राज्य स्तरीय ऐसा कार्यक्रम है, जो उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद , टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल और स्टार स्पेस के सहयोग से चलाया जा रहा है।
– ट्रेनिंग की संख्या, राज्य भर में 500 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
-कोर्स फ्री है (सरकार द्वारा पूरी तरह फंडेड)।
-ट्रेनिंग लोकेशन 13 खूबसूरत जगहों पर हो रही है, जैसे:
– देहरादून (पहला बैच सफल रहा, 32 प्रतिभागी थे)- ऋषिकेश, मुनस्यारी,अल्मोड़ा, रामनगर, चोपता, नैनीताल, कौसानी, पिथौरागढ़,में कोहोर्ट शुरू हो चुका है, और जनवरी 2026 में पहला डेडिकेटेड एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्जर्वेटरी का उद्घाटन हो चुका है।
बिजनेस मैनेजर
मास्टर ट्रेनर एंड प्रोग्राम कॉर्डिनेटर हेम चंद्र शर्मा ने बताया कि कौसानी वर्कशॉप में बेसिक और प्रैक्टिकल खगोल विज्ञान के साथ टेलीस्कोप हैंडलिंग और ऑपरेशन, स्टारगेज़िंग गाइडिंग आदि हुनर सिखाए जाएंगे।
कोर्स पूरा होने पर नेशनल लेवल का सर्टिफिकेट मिलता है , जिससे प्राइवेट टूर कंपनियों, होमस्टे, गवर्नमेंट टूरिज्म में जॉब/इंटर्नशिप के मौके मिलते हैं।
अब तक इस प्रोग्राम में महिलाओं की अच्छी भागीदारी रही है। कई ट्रेनी को पहले ही जॉब या इंटर्नशिप मिल चुकी है। पिथौरागढ़ में 5 जनवरी 2026 को राज्य का पहला डेडिकेटेड एस्ट्रो-टूरिज्म ऑब्जर्वेटरी लॉन्च हुआ, जहाँ ट्रेनिंग ले चुके गाइड्स अब टूरिस्ट्स के लिए स्टारगेज़िंग सेशन चला रहे हैं।
कई बैच सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं (जैसे देहरादून, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा आदि) प्रोग्राम को “भारत का पहला राज्य स्तरीय एस्ट्रो-टूरिज्म स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम” कहा जा रहा है।
विपिन जोशी, संपादक स्वर स्वतंत्र





