विवाद: विधायक सुरेश गढ़िया के बिगड़े बोल, लच्छू पहाड़ी के कद और कलाकारी पर कटाक्ष से कत्यूर घाटी में आक्रोश
गरुड़: कत्यूर महोत्सव की ‘स्टार नाइट‘ में उस वक्त कड़वाहट घुल गई जब कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया ने मंच से गरुड़ केलोकप्रिय हास्य कलाकार और क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC मेंबर) लच्छू पहाड़ी को लेकर अमर्यादित टिप्पणी कर दी। विधायक केइस बयान ने न केवल लच्छू पहाड़ी के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाई है, बल्कि पूरी कत्यूर घाटी के जनमानस को आक्रोशित कर दियाहै।
महोत्सव के मंच से जनता को संबोधित करते हुए विधायक सुरेश गढ़िया ने लच्छू पहाड़ी की लोकप्रियता और उनके जनप्रतिनिधि चुनेजाने पर तंज कसा। विधायक ने कहा:
“लोग भावुक होकर निर्णय ले लेते हैं… लच्छू पहाड़ी नाचते–नाचते नेता बना गया ।“
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
विधायक का यह बयान वायरल होते ही गरुड़ और बागेश्वर क्षेत्र के प्रबुद्ध वर्ग ने मोर्चा खोल दिया है।
महोत्सव के मंच संचालक हरीश जोशी ने स्पष्ट किया
कत्यूर महोत्सव को भाषणों का मंच बनाना गलत है। ये महोत्सव सिर्फ यहां की पुरातन संस्कृति को नई पीढ़ी तक हस्तगत करने कासफल माध्यम बन सके इसी ईमानदारी के भाव से पिछले तीन सालों से मैं स्वयं स्वतः स्फूर्त,इन कार्यक्रमों के सफलतम संयोजन औरसंचालन में जुड़ा रहता हूं। यदि महोत्सव की आड़ में राजनीति चमकाने के कुत्सित प्रयास होते हैं तो मुझे इससे दूरी बना लेनी चाहिए।
क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि लच्छू पहाड़ी ने अपनी मेहनत और कला के दम पर पहचान बनाई है। एक कलाकार कामजाक उड़ाना और उसकी लोकप्रियता को ‘जनता की भावुकता‘ बताना मतदाताओं के विवेक का अपमान है।
कानूनी गलियारों में भी इस बयान की तीखी आलोचना हो रही है। हाई कोर्ट अधिवक्ता डीके जोशी का तर्क है कि लोकतंत्र मेंकद–काठी नहीं, बल्कि जनसमर्थन और सेवा भाव मायने रखता है। किसी के शारीरिक गठन पर टिप्पणी करना एक संवैधानिक पदपर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता।
मनोरंजन और राजनीति का अंतर भूल गए विधायक?
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस मंच का उपयोग क्षेत्र की संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए होना चाहिए था, उसका उपयोगएक उभरते हुए युवा नेता और कलाकार को नीचा दिखाने के लिए किया गया। लच्छू पहाड़ी ने केवल मनोरंजन ही नहीं किया, बल्किक्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में चुनावी जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता भी साबित की है।
लच्छू पहाड़ी के सवाल
* क्या छोटे कद का व्यक्ति या एक कलाकार राजनीति में ऊंचे ऊंचे पदों पर बैठे लोगों की आंखों में खटकने लगा है?
* क्या विधायक सुरेश गढ़िया अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे?
लच्छू पहाड़ी ने नाराज़गी जताते हुए हिंदुस्तान समाचार को बताया कि गरुड़ में आकर विधायक गढ़िया उनकी सामाजिक और राजनैतिक अस्तित्व का मजाक उड़ाते हैं मैंने क्षेत्र की जनता का विश्वास जीत कर अपना मुकाम बनाया है आज हम सब कार्यकर्ता विधायक सुरेश गढ़िया के उक्त बयान के खिलाफ तहसील में ज्ञापन देने जाएँगे विधायक जी को सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगनी होगी ।
कत्यूर की जनता अब सोशल मीडिया पर विधायक से जवाब मांग रही है। “जनता भावुक नहीं, जागरूक है” के नारों के साथविधायक के अहंकार पर प्रहार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद विधायक गढ़िया के लिए राजनीतिक मुश्किलें खड़ीकर सकता है।
विपिन जोशी , गरुड़






