वन दरोगा नौटियाल घूस लेते हुए गिरफ्तार

विपिन जोशी…

अल्मोड़ा में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: 25 हजार की रिश्वत लेते वन दरोगा रंगे हाथ गिरफ्तार!

 

अल्मोड़ा/हल्द्वानी: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में एक और बड़ी कामयाबी मिली है। सतर्कता अधिष्ठान(विजिलेंस) की टीम ने अल्मोड़ा जनपद में वन विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत की मोटी रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार करविभाग में हड़कंप मचा दिया है।

बाबू ने मांगी रिश्वत, विजिलेंस ने बिछाया जाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जागेश्वर स्थित वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात बाबू/वन दरोगा नवीन नौटियाल पर भ्रष्टाचार कागंभीर आरोप लगा है। आरोपी ने एक शिकायतकर्ता, जय प्रकाश, से उनके जायज काम के बदले रिश्वत की मांग की थी।शिकायतकर्ता को लीसा गड़ानढुलान कार्य के पंजीकरण नवीनीकरण और लंबित बिलों के भुगतान के लिए दरदर भटकना पड़रहा था। आरोप है कि नवीन नौटियाल ने इन कामों को निपटाने के एवज में 25,500 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

श्रम और ईमानदारी से काम करने वाले शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय विजिलेंस का दरवाजा खटखटाया।शिकायत मिलने के बाद, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाया। जैसे हीआरोपी वन दरोगा नवीन नौटियाल ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।

बड़ा खुलासा: वन क्षेत्राधिकारी भी भ्रष्टाचार के घेरे में!

इस मामले ने उस वक्त और भी गंभीर मोड़ ले लिया जब जांच में वन क्षेत्राधिकारी (RFO) जागेश्वर का नाम भी सामने आया।विजिलेंस ने पाया कि इस भ्रष्टाचार के खेल में सिर्फ बाबू ही नहीं, बल्कि उच्चाधिकारी भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, वनक्षेत्राधिकारी को भी इस मामले में सहअभियुक्त बनाया गया है और उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यहखुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो सकती हैं।

विभाग में हड़कंप, विभागीय कार्रवाई की तैयारी

इस बड़ी कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) सिविल सोयम वन प्रभाग प्रदीप धौलाखंडीने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासनदिया कि विजिलेंस से पत्र मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी और नियमानुसार सख्त से सख्तविभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

यह घटना एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की कड़वी सच्चाई को सामने लाती है। विजिलेंस की यह कार्रवाई उन भ्रष्टअधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो अपनी कुर्सी का इस्तेमाल जनता को लूटने के लिए करते हैं।भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की यह कार्रवाई सराहनीय है और आम जनता में कानून के प्रति विश्वास जगाती है।