विपिन जोशी..
उत्तराखंड में जहां एक ओर राजनैतिक भ्रष्टता उफान पर है वहीं कुछ अच्छी खबरें भी समानांतर चल रही हैं, ऐसी ही एक खबर है हल्द्वानी से । एस्ट्रो पाठशाला पहल के तहत आयोजित हल्द्वानी में अंतरिक्ष विज्ञान की दिशा में एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण सामने आया है। कुमाऊं के द्वार हल्द्वानी से पहली बार स्कूल के छात्रों की सक्रिय भागीदारी से हाई-एल्टीट्यूड हीलियम बैलून के द्वारा सैटेलाइट पेलोड को निकट अंतरिक्ष तक सफलतापूर्वक भेजा गया। यह प्रयोग उत्तर भारत का पहला शैक्षणिक अभियान है, जिसने छात्रों के सपनों को पंख दे दिए। उक्त अंतरिक्ष अभियान में एयरस्पेस क्लियरेंस,पूरी सुरक्षा व्यवस्था, सफल रिकवरी शामिल थी या हर स्तर पर यह मिशन प्रेरणादायक रहा।
इस मिशन में छात्रों ने सैटेलाइट बनाया और वास्तविक उड़ान परिस्थितियों में तापमान, वायुदाब और पर्यावरणीय बदलावों से जुड़ा महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा भी एकत्र किया। जैविक नमूनों के साथ किया गया यह प्रयोग भविष्य के स्पेस और पर्यावरण रिसर्च के लिए बेहद अहम है।
यह पूरा अभियान एस्ट्रो पाठशाला पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने अंतरिक्ष तक पहुँच सकते हैं। आने वाले समय में पेलोड को 35 KM ऊँचाई तक भेजने की तैयारी है!
गर्व है हमारे छात्रों पर, गर्व है उत्तराखंड पर ।





