डी.ए.पी. खाद के लिए सुबह सात बजे से लगी कतार
विपिन जोशी, गरुड़
गरुड़ के डंगोली उर्वरक केंद्र में डी.ए.पी. खाद उपलब्ध न होने से क्षेत्र के किसानों में गहरा असंतोष है। गेहूं की बुवाई का समय शुरू हुआ, तो खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मजबूरन किसान टीट बाजार के उर्वरक केंद्र की ओर रुख कर रहे हैं, जहां हालत और भी खराब है — सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें लगी है, कई किसानों को पूरे दिन इंतजार के बावजूद खाद नहीं मिल पाई, जिससे गेहूं बुवाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
किसानों का कहना है कि हर साल बुवाई के समय यही हाल हावी रहता है, परंतु कृषि विभाग और सहकारी समितियां समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठातीं। सीमित स्टॉक, वितरण में पारदर्शिता की कमी और उचित प्रबंधन न होने से ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा हैँ । किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि डंगोली और आसपास के सभी केंद्रों पर तुरंत डी.ए.पी. की आपूर्ति बढ़ाई जाए, ताकि समय पर खेती का कार्य प्रभावित न हो।
कत्यूर घाटी जन विकास समिति के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान चनौली, हरीश नेगी ने गागरीगोल क्षेत्र में एक उर्वरक केंद्र खोलने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यदि यहां केंद्र खोला जाता है तो गागरीगोल के साथ-साथ नरगवाड़ी, आगर, तिलसारी, रियूनीलखमार, ढीकुरा, कनस्यारी, बंड, मन्युड़ा और पुरड़ा जैसे गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। इससे न केवल क्षेत्र के किसानों को खाद और बीज समय पर मिल सकेगा, बल्कि उन्हें बीचौलियों की परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी।
विपिन जोशी, गरुड





