विपिन जोशी, स्वर स्वतंत्र
इंटरनेट जानकारियों का खजाना है। लेकिन जानकारियों, सूचनाओं की जांच करना भी जरूरी है। आज फेसबुक में वायरल चल रही पोस्ट के हवाले से बताया गया है कि 2025 में भारत एक दुर्लभ और अत्यधिक ठंडी सर्दी का सामना करेगा। जो ला नीना नमक मौसमीय घटना के कारण होगी। इसका प्रभाव उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में असामान्य बर्फबारी, शीत लहर की संभावना है।
क्या है ला नीना?,
ला नीना एक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर में होती है, जिसमें समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ठंडा हो जाता है। यह एल नीना का उल्टा प्रभाव है और आमतौर पर हर कुछ वर्षों में होता है, जो कुछ महीनों से लेकर एक साल तक रह सकता है।
ला नीना की मुख्य विशेषताएं:
1. ठंडा समुद्री तापमान : पूर्वी और मध्य प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है।
2. मौसम पर प्रभाव : यह वैश्विक मौसम पैटर्न को प्रभावित करता है, जैसे:
– भारत में मानसून की बारिश में वृद्धि।
– दक्षिण अमेरिका में सूखा।
– ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में अधिक बारिश।
– उत्तरी अमेरिका में ठंडी सर्दियाँ।
3. कारण : यह पवन और समुद्री धाराओं के बदलाव के कारण होता है, जिसमें गर्म पानी पश्चिमी प्रशांत की ओर चला जाता है, और ठंडा पानी सतह पर आता है।
ला नीना का प्रभाव क्षेत्र और समय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह कृषि, जल संसाधनों और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण असर डालता है।





