वैश्विक परिदृश्य में हिंदी भाषा

विपिन जोशी

हिंदी दिवस के मौके पर आज सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल गरुड़ में स्व. मंजू जोशी की स्मृति में वैश्विक परिदृश्य में हिंदी भाषा विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। प्रबंधक जावेद सिद्दीकी ने कार्यक्रम की रूप रेखा रखी और अतिथियों का स्वागत किया। हरीश जोशी ने हिंदी दिवस और हिंदी भाषा पर कार्य कर रहे विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए कहा कि हिंदी भाषा पर और बेहतर कार्य किया जा सकता है।

विद्यालय में हिंदी भाषा में सर्वोत्तम कार्य कर रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। रुद्राक्ष बिष्ट, नितिन भंडारी, प्रेरणा आर्या, सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल की शिक्षिका प्रीति पुरोहित ने हिंदी भाषा के महत्व और स्व मंजू जोशी के हिंदी भाषा पर दिए गए योगदान पर प्रकाश डाला।

मुख्य वक्ता डा गोपाल कृष्ण जोशी ने हिंदी भाषा पर विचार साझा करते हुए कहा कि, आज संवाद की आवश्यकता है, भाषण की नहीं। हिंदी वैश्विक परिदृश्य में आज आगे बढ़ रही है। बेहतर संचार के लिए भाषा एक माध्यम है, भारत में 57 फीसदी लोग हिंदी भाषी हैं। अंग्रेजी बोलने वाले सिर्फ 6 फीसदी लोग हैं। कोई भी भाषा कभी मृत नहीं होती, शब्द नहीं होते। भारत में गुलामी की वजह से हिंदी भाषा को उपयुक्त स्थान नहीं मिला। किसी भी भाषा के प्रति दुराग्रह नहीं करना चाहिए। हिंदी भाषा की शक्ति थी कि स्वतंत्र के राष्ट्रीय आंदोलन को हिंदी भाषा ने ही एकता प्रदान की थी।

मौजूद गणमान्य। जावेद सिद्दीकी, सुरेन्द्र वर्मा सुंदर, हरीश चंद्र जोशी, प्रेमा भट्ट, मोहन चंद्र जोशी, मुर्सिल सिद्दकी, उमा बिष्ट, गीता भंडारी,