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खाद्यान्न घोटाला हाई कोर्ट हुआ सख्त

विपिन जोशी…

नैनीताल: हाईकोर्ट ने उधमसिंह नगर जिले के लिए साल 2015 से 17 के बीच खाद्य विभाग द्वारा चावल क्रय करते वक्त 600 करोड़ रुपए के घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर दायर अपील पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य खाद्य सचिव से चावल घोटाले मामले में पूछा कि महालेखा परीक्षक रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई की गई. साथ ही रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तिथि नियत की गई है. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई.

सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हुए खाद्य सचिव ने कोर्ट को अवगत कराया कि अभी मामले की जांच रिपोर्ट महालेखा परीक्षक की तरफ से आनी है. लेकिन अभी तक जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी रिपोर्ट भी नहीं आई है. जब तक रिपोर्ट आती है, तब तक उसे पेश करने के लिए उन्हें समय दिया जाए. जिस पर कोर्ट ने उन्हें समय देते हुए अगली सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तिथि नियत की है. कोर्ट ने तब तक उनसे रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है.

मामले के अनुसार गरुड़ रीठा निवासी गोपाल वनवासी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि साल 2020 में कई दैनिक समाचार पत्रों के द्वारा यह घोटाला जनता के सामने लाया गया था. उन्होंने इसकी सूचना खाद्य विभाग से मांगी, लेकिन विभाग ने उन्हें इसकी सूचना आरटीआई में उपलब्ध नहीं कराई. सूचना उपलब्ध ना कराने पर उन्होंने इसकी प्रथम अपील विभागीय सूचना अधिकारी से की. वहां से भी कोई जवाब ना मिलने पर द्वितीय सूचना अपील अधिकारी राज्य सूचना आयोग में की.

राज्य सूचना आयोग ने अपील को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार व खाद्य विभाग को निर्देश दिए कि, मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई जाए. सूचना प्राप्त होने के बाद उनकी शिकायत पर साल 2020 में एसआईटी में मामले की जांच हुई. जिसमें घोटाले की पुष्टि हुई, लेकिन सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की. कोर्ट में उपस्थित अधिकारियों की तरफ से कहा गया कि इस घोटाले की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. ना ही उनके पास कोई रिपोर्ट है, जिस पर कोर्ट ने उनसे कहा कि इन वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट अगली तिथि तक कोर्ट में पेश करें.

गौर हो कि साल 2015 से 2017 के बीच उधमसिंह नगर जिले में खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करने में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया था. मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित की गई है. जिस पर बीते दिन हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

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