बेअसर होते जनता दरबार

विपिन जोशी…

गरुड़, सरकार  जनता के द्वार कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया. जनता दरबार में लोग अपनी लंबित और त्वरित समस्याओं को दर्ज कराते हैं. उक्त जनता दरबार में कुल २३ समस्याएँ दराज कराइ गई. जनता दरबार में पेयजल पर अधिकाश समस्याएँ दर्ज हुई, दुसरे नम्बर पर रहा बिजली विभाग. स्वास्थ्य विभाग क्यों पीछे रहता बैजनाथ हॉस्पिटल की दर्जनों शिकायतों का भांडा फूटा. नये चिकित्सा अधिकारी कुछ भी स्पष्ट करने से बचते रहे शायद उनको समय लगे बैजनाथ अस्पताल को समझने में. पेयजल विभाग के अधिकारी सफाई देते रहे लेकिन शिकायत कर्ताओं ने उनकी एक न सुनी. गरुड़ बाज़ार, तैलिहाट, डंगोली, अयार्तोली आदि गावों से पेयजल के दर्जनों मुद्दे सामने आए. एक सवाल जो सभी के मन में था सदन में खूब उछला. सवाल था बेअसर होते जनता दरबार और प्रसाशन की ढिलाई . इस बात से अपर जिलाधिकारी खासा नाराज दिखे उन्होंने सभी अधिकारीयों नको फटकार लगते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को 15 दिन के अन्दर ठीक करें और जिला कार्यालय में रिपोर्ट करें. यह पहला अवसर नही था  जब अपर जिलाधिकारी ने इस तरह का निर्देश दिया हो इससे पूर्व जिलाधिकारी, पूर्व एसडीम, दर्जा मंत्री सब दर्जनों बार फटकार लगा चुके हैं लेकिन बेअसर होते जनता दरबार के प्रति अफसर शाही कब गंभीर होगी यह

जनता दरबार में पेय जल समस्या और विद्युत व्यवस्था पर खूब घमासान हुआ। मुख्य विकास अधिकारी और एडीएम, एसडीएम, दर्जा मंत्री की मौजूदगी में समस्या लेकर आए कार्यकर्ता और नागरिक बिफर पड़े। त्रिलोक सिंह बुटोला ने कहा कि जनता दरबार में समस्याओं का अंबार लगता है लेकिन कोई भी विभाग समाधान की रिपोर्ट नहीं देते, ऐसे में यह भी पता नहीं चल पाता है कि समस्या का समाधान हुआ या नहीं।
एक और मामले में बीजेपी के घनश्याम जोशी ने गरुड़ बाजार क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति नहीं होने के बाद भी विभाग बिल भेज रहा है।
पेय जल का मामला उठा तो सदस्य क्षेत्र पंचायत तैलीहाट दयाल काला ने 65 लाख की तेलीहाट योजना की विफलता पर प्रकाश डाला। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशाषी अभियंता को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि योजना की रिकवरी होगी यदि जल्दी उक्त योजना को दुरुस्त नहीं किया गया तो विभाग परिणाम भुगतेगा।