विपिन जोशी …..
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी परिणाम आ चुके हैं। अब बधाई और जश्न का दौर है, मिठाई का दौर है। उत्तराखंड में जिला पंचायत सदस्य सीटों पर गजब घमासान देखने को मिला प्रत्याशियों ने धन, मदिरा,प्रलोभन, इमोशनल कार्ड सभी हथियारों का प्रयोग चुनाव जीतने और वोटर को रिझाने के लिए किया। प्रत्याशियों ने जोशीले वादे किए तो मंच से कुछ प्रत्याशियों ने आंसुओं का सैलाब भी बहाया।आखिरकार जनता ने अपना फैसला सुनाया और परिणाम की मीठी खट्टी चाशनी का स्वाद सभी प्रत्याशी ने चखा। बागेश्वर जनपद की बात करें तो कांग्रेस ने जिला पंचायत सीट पर खाता खोला और कपकोट तथा गरुड़ में अपनी बची खुची साख को बचाने में कांग्रेस सफल रही। कौसानी जिला पंचायत सीट से कांटे की टक्कर में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ने बाजी मार ली। कौसानी सीट पर चार उम्मीदवार थे परिणाम आते आते देर रात्रि तक निर्दलीय रवि बिष्ट और बबलू नेगी में मुकाबला तय हुआ अंत में बबलू नेगी ने 2073 मत प्राप्त कर जीत अपने नाम कर ली।गरुड़ से कांग्रेस को मिलने वाली यह एकमात्र सीट रही। दूसरी हॉट सीट थी जिला पंचायत शीट अणा यहां भाजपा समर्थित सुनील दोसाद, कांग्रेस समर्थित हरीश जीना, निर्दलीय प्रत्याशी भास्कर बोरा में त्रिकोणीय मुकाबला था। चुनाव प्रचार के दौरान शुरू में सुनील दोसाद का पलड़ा भारी लगा लेकिन परिणाम के दिन शाम ढलने तक सुनील के सपने भी ढल चुके थे। भास्कर बोरा को देवनाई घाटी का भरपूर समर्थन मिला। चुनाव प्रचार के दौरान भास्कर का शक्ति प्रदर्शन एक सांकेतिक रुझान था जिसने राष्ट्रीय दलों के नीति उड़ा दी थी , यही जनसमर्थन जीत में भी बदलाव। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट भी सुनील दोसाद की जीत के प्रति आस्वस्थ दिख रहे थे लेकिन जनता ने मंत्री जी के अनुमान को हनुमान बना दिया और वोटो की बारिश निर्दलीय प्रत्याशी भास्कर बोरा के पक्ष में हो गई।
गरुड़ में दुदिला ग्राम प्रधान दो वोट से चुनाव जीते तो छानी सेरा की गुड़िया दोसाद ने अपनी दिव्याग्ता को हराकर अपने हौसलों से प्रधान पद पर जीत हासिल की। गुड़िया छानी सेरा में एक छोटी सी दुकान चलाती है और एक पैर से दिव्यांग भी है। लेकिन चुनाव में गुड़िया पर छानी सेरा की जनता ने भरोसा किया और उनको विकास की नई गाथा लिखने का मौका भी दिया।
बड़े वादों इरादों से परे जैसर क्षेत्र पंचायत सीट से लच्छू पहाड़ी ने बहुत चौंकाने वाला परिणाम दिया। लच्छू एक लोक कलाकार है और अपना यूट्यूब चैनल भी चलाता है। इस पर ढाई फीट के लच्छू ने चुनाव जीत कर अपने ऊंचे हौसलों की कहानी का बखान किया लच्छू पहाड़ी ने नाच गा कर चुनाव जीत लिया। अब लच्छू ने शिक्षा, सड़क जैसे मुद्दों पर काम करने की ठानी है।
चुनाव निपट चुका है। अब बारी है विकास कार्य को अंजाम देने की। सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई। चुनाव जीत कर जनता की उम्मीद पर खरा उतरना एक मात्र लक्ष्य हो और गांव समाज का सामाजिक समीकरण भी कायम रहे यह सबसे बड़ी बात होगी।
इस बार के चुनाव में गरुड़ क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत की 40 में से पांच सीटों पर निर्विरोध चुना हुआ । ग्राम प्रधान के लिए 101 पदों में 17 सीटों पर निर्विरोध चुनाव संपन्न हुआ। आपसी सहमति से पंचायत स्तर पर यह एक सकारात्मक पहल भी थी। जिला पंचायत की 6 सीटों में चार बीजेपी ने जीत दर्ज की और एक सीट पर कांग्रेस ने खाता खोला तो एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी बाजी मारी।





