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साहित्यकार समाज को नई दिशा देते हैं

आदर्श ज्ञानार्जन विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम

समाज को नई दिशा देते हैं साहित्यकार : मुक्ता मिश्र

आदर्श ज्ञानार्जन विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम 

गरुड़। आदर्श ज्ञानार्जन विद्यालय में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में उत्तराखंड की उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र ने कहा कि साहित्यकार समाज को नई दिशा देते हैं। इस अवसर पर लेखक केदार दत्त मिश्र की पुस्तक लता और वृक्ष का नाता समेत विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया गया।

उत्तराखंड पत्रकार एवं साहित्यकार समिति के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड की उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुश्री मुक्ता मिश्र ने कहा कि साहित्य साधना बहुत कठिन है। साहित्यकार अपनी रचनाओं से हमेशा के लिए अमर हो जाता है। उन्होंने कहा कि लेखक मिश्र ने अपनी आत्मकथा ’लता और वृक्ष का नाता’ के माध्यम से अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और उपलब्धियों को सहज शब्दों में पिरोया है। लेखक केदार दत्त मिश्र ने अपनी पुस्तक का परिचय कराते हुए कुछ बाते साझा की उन्होंने बताया कि यह पुस्तक पाठकों के लिए सिर्फ एक आत्मकथा नहीं है, बल्कि यह जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है, बहुत सी जानकारियां देती है, साथ में यात्रा के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करती है। कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर बड़सीला ने किया। इस दौरान डॉ गजेंद्र बटोही, डॉ हेम चंद्र दुबे, साहित्यकार रतन सिंह किरमोलिया, मोहन जोशी, पूर्व प्रधानाचार्य नंदन सिंह अल्मिया, मोहनानंद मिश्र, सदन मिश्र, अनिल मिश्र, मुकुल मिश्र, डॉ गिरीश अधिकारी, ओमप्रकाश फुलारा, रजनी बाला मौजूद थे।

परिचर्चा के बाद निम्नलिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया ।

बाखइ ( गद्य व काव्य संकलन) – मोहन जोशी

लता और वृक्ष का नाता ( आत्मकथ्य) – केदार दत्त मिश्र

मन की आवाज ( काव्य संकलन) – भारत भूषण

संघर्ष ( काव्य संकलन) – माया गोस्वामी

Vipin Joshi

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