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विकास के नाम पर ‘भ्रष्टाचार का डामर’

कपकोट: लीती गांव में विकास के नाम पर ‘भ्रष्टाचार का डामर’
पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने सरकार को घेरा

बागेश्वर/कपकोट: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को विकास की जीवन रेखा माना जाता है, लेकिन कपकोट विधानसभा के लीती गांव से आई तस्वीरों ने शासन-प्रशासन के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। लीती के ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया एक वीडियो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें सड़क निर्माण में बरती गई भारी अनियमितताएं साफ देखी जा सकती हैं।
ग्रामीणों द्वारा भेजे गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि नई बनी सड़क की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि डामर की परत हाथों से ही उखड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि मानकों को ताक पर रखकर, बिना उचित बेस और घटिया सामग्री के साथ सड़क का सुधारीकरण किया गया है। यह सड़क बनने के कुछ ही समय बाद बदहाल होने लगी है, जो सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है।
पूर्व विधायक ने उठाए तीखे सवाल
क्षेत्रीय जनता की इस शिकायत को लेकर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने वर्तमान विधायक और प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा:
“क्षेत्रीय विधायक दिन-रात अपने विकास कार्यों का ढोल पीटते नहीं थकते, लेकिन लीती की यह सड़क उनके दावों की पोल खोल रही है। जिस सड़क को जनता की सुविधा के लिए बनाया जाना था, वह भ्रष्ट ठेकेदारी और मिलीभगत की भेंट चढ़ गई है।”
उन्होंने प्रशासन से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि क्या यही सरकार का ‘विकास मॉडल’ है? उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब जनता की उम्मीद वर्तमान कपकोट विधायक पर हैं जो अक्सर सोशल मीडिया और जनसभाओं में अपनी उपलब्धियां गिनाते हैं, अब इस वायरल वीडियो के बाद मौजूदा विधायक क्या काम उठायेंगे, सवाल यह है कि क्या वह इस घटिया निर्माण का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग पर कार्रवाई करेंगे या इसे राजनीति से प्रेरित बताकर पल्ला झाड़ लेंगे?

वहीं दूसरा सड़क गुणवत्ता का मामला कांडा सानीउड़यार मार्ग का है. यूकेडी कार्यकर्ता हीरा सिंह नेगी ने जानकारी दी कि कांडा रावत सेरा कंप्रेसर भी नहीं डाला गया है । गुणवत्ता परक सड़क निर्माण पहाड़ के लिए जरूरी है । सड़कें घटिया गुणवत्ता की वजह से क्षतिग्रस्त होती हैं। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर जे ई के सामने नपाई की तो कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गई । कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी बागेश्वर को उक्त निर्माण कार्य की शिकायत भी की है ।
जनता की नाराजगी चरम पर है
लीती की जनता का कहना है कि वे वर्षों से अच्छी सड़क का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें जो मिला वह सिर्फ भ्रष्टाचार का एक नमूना है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का मानक के अनुसार सुधारीकरण नहीं हुआ और दोषियों पर गाज नहीं गिरी, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विपिन जोशी
संपादक स्वर स्वतंत्र न्यूज़

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