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पहाड़ में पाइपलाइन से पहुँचेगी रसोई गैस

विपिन जोशी • बागेश्वर
अब पहाड़ में पाइपलाइन से घर-घर पहुँचेगी रसोई गैस
गरुड़, कपकोट, कौसनी, बैजनाथ में बनेंगे सीएनजी स्टेशन ।

एनएस नबियाल, एडीएम, बागेश्वर
लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य वर्ष 2032 तक देश की ऊर्जा खपत में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 6% से बढ़ाकर 15% करना है। यह परियोजना राष्ट्रीय स्तर पर गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

मिडिल ईष्ट युद्ध के दौरान एक सकारात्मक खबर आ रही है, सूत्रों के अनुसार ईरान के विरुद्ध अमेरिका-इजरायल युद्ध से बढ़ रहे गैस संकट के बीच अच्छी खबर है। उत्तराखंड के पांच पर्वतीय जिलों— बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और चमोली—में भी पाइपलाइन से घर-घर तक रसोई गैस पहुंचेगी। सीएनजी व एलएनजी स्टेशन खुलने से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता भी कम होगी। इनके लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई है और सप्ताह भर में जिलों को कार्ययोजना प्रस्तुत करनी है।
आंगनवाड़ी ठप्प
पहल अच्छी है लेकिन इन्हीं पहाड़ी इलाकों में पाइप लाइन से पेय जल योजना सुचारू करने में विभागों की लापरवाही आए दिन सामने आती रहती हैं ऐसे में गैस कनेक्शन सुचारू हो पाएंगे यह सुनिश्चित करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा ।
पर्वतीय जिलों में स्वच्छ तथा सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीवीडी) परियोजना अब गति पकड़ रही है। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने उत्तराखंड के पांच जिलों में सीजीडी नेटवर्क विकसित करने का जिम्मा गैसोनेट सर्विसेज (यूके) लिमिटेड कंपनी को सौंपा है।
क्या हैं परियोजना के मुख्य बिंदु:
इन जिलों को मिलेगा लाभ: बागेश्वर, चंपावत, चमोली, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ में डीसीयू, सीएनजी और एलएनजी स्टेशन बनेंगे।
जनता को सीधा लाभ: घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के लिए सस्ती गैस मिलेगी। महिलाओं को राज्य मिलेगी गैस सिलेंडर ढोने का झंझट खत्म होगा और वाहनों की आवाजाही भी सुगम होगी।
रोजगार के अवसर: इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नये स्टेशनों में कर्मचारी और एनी तकनीकी काम के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होगी ।
इन स्थानों पर बनेंगे स्टेशन
प्रस्तावित योजना के तहत बागेश्वर शहर, बैजनाथ, कौसानी तथा कपकोट में डी-कंप्रेसर यूनिट (डीसीयू) स्थापित होगी। यूनिट से पाइपलाइन घर-घर तक बिछाई जाएगी। जबकि बागेश्वर, गरुड़, बैजनाथ, कौसानी, कपकोट एवं राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग के आसपास सीएनजी स्टेशन बनेंगे। एलएनजी स्टेशन के लिए बैजनाथ, कौसानी, बागेश्वर और हाईवे के पास क्षेत्र चयनित हैं।
सभी उपजिलाधिकारियों को गैसोनेट कंपनी के साथ समन्वय से भूमि चयनित कर सप्ताह भर में विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आधार पर जिलाधिकारी के स्तर से आगे की कार्रवाई तेजी से शुरू की जाएगी।”

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