ज्ञान की लौ को मिला प्रशासनिक संबल

गुड न्यूज़: ज्ञान की लौ को मिला प्रशासनिक संबल

विपिन जोशी.

गरुड़ (बागेश्वर): आज तहसील गरुड़ से एक ऐसी खबर आई है जो न केवल हमारे मन को सुकून देती है, बल्कि समाज में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए एक मिसाल भी पेश करती है। यह खबर साबित करती है कि जब प्रशासनिक शक्ति और सामाजिक सरोकार मिलते हैं, तो बदलाव की नींव पड़ती है।

एक अधिकारी का अनोखा ‘उपहार’

तहसील गरुड़ की युवा, ऊर्जावान और प्रशासनिक कार्यों में दक्ष तहसीलदार, निशा रानी ,आज गरुड़ सिविल सोसाइटी द्वारा संचालित सार्वजनिक पुस्तकालय में पधारीं। उनका सहज, सरल स्वभाव और मृदुभाषी व्यक्तित्व पहले ही क्षेत्र में लोकप्रिय है, लेकिन आज उन्होंने अपने कार्यों से एक नई इबारत लिख दी।

इस खास मौके पर, तहसीलदार महोदया ने पुस्तकालय को सिर्फ समय ही नहीं दिया, बल्कि तीन दर्जन से अधिक अनमोल पुस्तकें भी दान में दीं। इन पुस्तकों में ज्ञान का भंडार है – सामान्य ज्ञान, कालजयी साहित्य से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी पुस्तकें शामिल हैं। यह दान, महोदया की शिक्षा और ज्ञान के प्रति गहरी आस्था और युवाओं के भविष्य के प्रति उनकी चिंता को दर्शाता है।

तहसीलदार निशा रानी  का यह कदम तहसील के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है। यह याद दिलाता है कि पुस्तकें न केवल हमें ज्ञान देती हैं, बल्कि हमारे सोचने-समझने के नज़रिए को भी बदलती हैं। प्रशासनिक दायित्वों के बीच शिक्षा और पुस्तकालय के प्रति ऐसा समर्पण, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक मशाल की तरह है।

तहसीलदार महोदया के इस गरिमामयी आगमन और पुस्तक दान के अवसर पर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय के सम्मानित अधिवक्ता डीके जोशी  और समर्पित पुस्तकालयाध्यक्ष चंद्रशेखर बड़सीला उपस्थित रहे। गरुड़ सिविल सोसाइटी तहसीलदार निशा रानी जी के इस पुनीत कार्य और उनके अतुलनीय सहयोग के लिए उनका हार्दिक आभार व धन्यवाद ज्ञापित करती है।

स्वर स्वतंत्र का संदेश – आइए, हम सब मिलकर तहसीलदार महोदया के इस नेक कार्य से प्रेरणा लें। अपने आस-पास के पुस्तकालयों से जुड़ें, पुस्तकें पढ़ें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। ज्ञान की यह लौ बुझने न पाए, यही सच्ची देशभक्ति और समाज सेवा