महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर ने 20 मार्च 2026 को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उनके इस्तीफ़े के पीछे मुख्य कारण एक ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर उपजा विवाद है।
इस्तीफ़े की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
* अशोक खरात विवाद: नासिक पुलिस ने अशोक खरात (जिन्हें ‘कैप्टन’ भी कहा जाता है) को एक महिला के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। खरात पर कई महिलाओं के शोषण के गंभीर आरोप हैं।
* वायरल वीडियो और तस्वीरें: सोशल मीडिया पर रूपाली चाकणकर के कुछ पुराने वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें उन्हें अशोक खरात के पैर धोते, उन्हें केक खिलाते और उनके लिए छतरी पकड़े हुए देखा गया। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद विपक्ष (महा विकास अघाड़ी) ने उनके इस्तीफ़े की मांग तेज़ कर दी थी।
* नैतिक ज़िम्मेदारी और दबाव: हालांकि चाकणकर ने अपने इस्तीफ़े में “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला दिया है, लेकिन खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विवाद बढ़ता देख उन्हें पद छोड़ने का निर्देश दिया था। चाकणकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने “नैतिक ज़िम्मेदारी” स्वीकार करते हुए इस्तीफ़ा दिया है ताकि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके।
* सफ़ाई: रूपाली चाकणकर का कहना है कि वे वीडियो 5-6 साल पुराने हैं और उनका परिवार खरात को गुरु मानता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें खरात के निजी कृत्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वे खुद इस घटना से स्तब्ध हैं।
वह वर्तमान में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – अजित पवार/सुनेत्रा पवार गुट) की महिला प्रदेशाध्यक्ष भी हैं।




