लेखन विधा से जुड़ता बालमन

ईश्वर दत्त जोशी…

लेखन विधा से जुड़ते बच्चे और जुड़ती रचनात्मक परंपरा. ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, किशोरियों, किशोरों एवं युवाओं को रचनात्मक लेखन से जोड़ने की अनूठी परम्परा के वाहक नैनीताल समाचार ने शुरू की निबंध लेखन परम्परा तो उस परंपरा को ईश्वर दत्त जोशी और उनके साथियों ने ताकुला क्षेत्र के आसपास निबंध लेखन गतिविधि को जारी रख एक अनुपम उदाहरण भी पेश किया, जो आजतक अनवरत जारी है। ईश्वर दत्त जोशी ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि, नैनीताल समाचार द्वारा नैनीताल में बच्चों के बीच की जाने वाली निबंध प्रतियोगिता से प्रेरित होकर 1996 में उन्होंने बसौली ताकुला क्षेत्र में भी निबंध लेखन प्रतियोगिता की शुरुआत की । इस प्रतियोगिता की खासियत यह है कि निबंध का विषय बच्चों को प्रतियोगिता स्थल पर ही दिया जाता है। उद्देश्य बच्चों के मनो जगत में झांक कर यह जानना है कि बच्चे संबंधित विषय के बारे में किस तरह से सोच रहे हैं। पुरस्कार वितरण समारोह में कई वर्ष तक राजीव लोचन साह जी, गिरीश तिवारी गिर्दा, हरीश पंत जी, डॉ शमशेर सिंह बिष्ट जी, महेश जोशी जी, बिनीता जी सहित नैनीताल समाचार टीम के तमाम साथियों द्वारा प्रतिभाग एवं सहयोग किया जाता रहा। उनकी प्रेरणा और स्थानीय साथियों के सहयोग से प्रतियोगिता का क्रम आज भी जारी हैं। इस वर्ष रविवार 7 दिसंबर 2025 को प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा 4 से कक्षा 12 तक के बच्चों के बीच तीन वर्गों में आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिता में इस वर्ष आठ केंद्र बनाए गए थे, जिसमें 35 विद्यालयों के 318 बच्चों ने प्रतिभाग किया। वरिष्ठ, मध्यम तथा कनिष्ठ वर्ग के लिए विषय क्रमशः पंचायत चुनाव और मेरे अनुभव, पहाड़ में बंजर होती खेती कारण एवं निदान तथा मेरा घर परिवार दिए गए थे। प्रतियोगिता को संपन्न कराने में डूंगर सिंह, महेश पंत

दिनेश नगरकोटी, बालम सिंह, राम सिंह, तारा राम, राजेंद्र सिंह चंपा मेहता अशोक भोज राजेंद्र भोज,दीप्ति भोजक,रीता,लता आदि का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

एक संदेश भी आसपास के क्षेत्रों में गया कि वातावरण मिले तो बच्चों के अंदर मौजूद प्रतिभा निखर कर सामने आती है।