गरूड़ विकास खण्ड में आज जिलाधिकारी आकांशा कोंडे व मुख्य विकास अधिकारी बागेश्वर के नेतृत्व में जनता दरबार का आयोजन किया गया। उक्त जनता दरबार में विभागीय अधिकारी और कुछ जनप्रतिनिधि तो मौजूद रहे लेकिन जनता का प्रतिभाग बहुत न्यूनतम रहा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से सवाल किया कि पिछले जनता दरबार में 72 समस्याएं दर्ज की गई थी और जनता का प्रतिभाग अधिक था। लेकिन आज जनता नहीं पहुॅची या न्यूनतम संख्या में पहॅुची है क्या कारण है ? जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक शिकायत कर्ता के शिकायत पत्र में आवेदक का फोन नबंर होना चाहिए ताकी अधिकारी आवेदक से संपर्क कर अपडेट बता सके।
आज जनता दरबार में 52 शिकायतें दर्ज की गई। अधिकांश शिकायतें सड़क, पेय जल, वन्य जीव संघर्ष से जुड़ी थीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियें को सख्त निर्देष देते हुए कहा कि जनता दरबार में आने से पूर्व होमवर्क करके आएं। सभी सरकारी विभागों में बायोमेट्रिक्स मशीनों का होना आवश्यक है, उन्होने कहा कि रेन्डम तौर पर वे किसी भी विभाग से प्रतिदिन उपस्थिति का आंकड़ा मांग सकती हैं। जिलाधिकारी आज फुल ऐक्शन में दिखी, बहुत तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि अपनी जिम्मेदारी से भागते अधिकारियें का तबादला नहीं अब सीधे बर्खास्गी होगी। सड़क, विद्युत, पेय जल जैसी समस्याओं का निराकरण दो सप्ताह के भीतर होना चाहिए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर आज 52 समस्याओं को सुना।
ग्राम कोठों रामपुर की ग्राम प्रधान दीपा देवी ने जिलाधिकारी को अपने गॉव की पेयजल समस्या के संबंध में विस्तार से बताया। भावुक होते हुए दीपा देवी ने कहा कि जनता ने उनको चुना है, भरोसा जताया है लेकिन विभाग पेयजल के मामले में लगातार हील हवाली कर रहा है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तुरंत मंच पर बुलाते हुए कहा कि कोठों रामपुर गॉव का तुरंत अवलोकन करें और दो सप्ताह में पेय जल से वंचित परिवारों को कनेक्शन मुहैया कराएं।
जनता दरबार में आज दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सिंह बिष्ट भी कुछ समय के लिए आक्रोशित हुए। बिष्ट ने कहा कि अधिकारियों ने जनता दरबार को मजाक बना दिया है। ऐसा ना करें दूर दराज से लोग अपना समय और पैंसा खर्च करके आते हैं और उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है। अब ऐसा बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
पचना गॉव की ममता शर्मा ने जनता दरबार को भावुक बना दिया। मामला था जल जीवन मिशन के अन्तर्गत पानी के कनेक्शन का। ग्राम प्रधान का कहना था कि ममता शर्मा ने पूर्व में पेय जल बिल का भुगतान नहीं किया है, लेकिन आवेदक का कहना था कि उनको पेय जल से वंचित रखा गया है। इस बात को लेकर मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के एक्शन को निर्देश दिए और जांच करने की बात कही, जिलाधिकारी ने कहा कि जो भी पार्टी लिप्त पाई जाएगी उनके खिलाफ कार्यवाही होगी। प्रधान दोषी हैं तो उनकी भी प्रधानी जा सकती है।
आज संपन्न हुए जनता दरबार में जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि जल्दी लंबित पड़ी शिकायतों का समाधान करें, अगले जनता दरबार में यहीं शिकायतें फिर से नहीं आनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने पत्रकार अखिल जोशी द्वारा गोपाल वनवासी के मकान की जाच संबंधी मामले पर एसडीएम गरूड़ और कानूनगो गरूड़ को निर्देष दिए कि वनवासी द्वारा बनाए गए मकान की जांच तुरंत कर रिपोर्ट दें। यदि मकान अतिक्रमण में आता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
मौजूद रहे ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा, ज्येष्ठ प्रमुख नंदन थापा, बीडीओ बी बी जोशी, जिला सूचना अधिकारी, सदस्य क्षेत्र पंचायत लक्ष्मण कुमार, ग्राम प्रधान दीपा देवी, सभासद प्रदीप गुर्रानी, प्रकाश कोहली, विभिन्न ग्राम सभाओं के प्रतिनिधि तथा समस्त विभागों के अधिकारी।