एक्सपायरी डेट का पोषाहार
बीते सप्ताह गरुड़ आंगनवाड़ी केंद्रों में पहुंचा एक्सपायरी डेट का पोषाहार।
लाभार्थियों ने बताया कि पोषाहार की देहरादून से सप्लाई की जा रही है। एक आंगनवाड़ी संचालिका ने पोषाहार उठाने से किया मना तो डीलर उतार गया सड़क के किनारे।
नन्हे मुन्ने बच्चे एक्सपायरी डेट का पोषाहार लेंगे तो उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। मैंने फोन पर इस घटना की चर्चा जनपद की डीपीओ हेमलता से की
इस मामले पर हेमलता डीपीओ बागेश्वर का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं था, विभागीय तौर पर स्पष्ट आदेश हैं की एक्सपायरी डेट का कोई भी पोषाहार ना उठाया जाए यह जिम्मेदारी आंगनबाड़ी संचालिका की बनती है की वह एक्सपायरी डेट देखकर सामान ले यदि ऐसा हुआ है तो मामले की जांच की जाएगी और एक्सपायरी डेट का पोषाहार वापस किया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण पोषाहार पहुंचे यह हमारी जिम्मेदारी है। अब सूत्रों से पता चला है कि शेष एक्सपायरी डेट के पोषाहार को नष्ट कर दिया है। जनपद स्तर पर त्वरित कार्यवाही हुई है।
इस छोटी सी घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है। बच्चों तक पहुंचने वाले पोषाहार की सप्लाई का ठेका किसके पास है ? ठेकेदार एक्सपायरी पोषाहार बिना डेट जांचे कैसे भेज रहा है ? संबंधित विभाग के अधिकारी के संज्ञान में मामला क्यों नहीं आया? आंगनवाड़ी संचालिकाएं बिना डेट देखे पोषाहार क्यों उठा लेती हैं ? मासूम बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति इतनी घोर लापरवाही क्यों बरती जाती है ? हो सकता है ऐसा पहली बार लापरवाही से हुआ हो परन्तु इस प्रकार की तकनीकी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है ? इन तमाम मुद्दों पर सोचे जाने की आवश्यकता तो है।





