निष्पक्ष राहत की उम्मीद

विपिन जोशी

  • नेता प्रतिपक्ष उत्तराखंड, बागेश्वर के आपदा पीड़ित क्षेत्र हड़बाड़ और पौसारी पहुँचे। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना. 

कल रात 15 सितम्बर को मसूरी और सहस्त्रधारा देहरादून में भी बदल फटा है, 13 लोग लापता बताए जा रहे हैं। होटल,घर, दुकानें, पुल, सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। यह सब प्रकृति के साथ की गई छेड़ छाड़ का नतीजा है या फिर अवैज्ञानिक विकास की परिणीति यह सवाल सभी राजनीतिक दलों के लिए सोचनीय है। आपदा के बाद नेताओं का दौरा क्या वास्तव में धरातल पर पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाता है, या लग्जरी गाड़ियों का काफिला सरकारी प्रोटोकाल का सायरन सुना कर आम त्रस्त जनता को और चिंतित करता है, यह भी सोचनीय है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या आज बागेश्वर के आपदा पीड़ित क्षेत्र हड़बाड़ और पौसारी पहुँचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना, आर्या ने भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल वक्त में वे सभी आपदा प्रभावितों के साथ हैं और उनकी हर जरूरत का ख्याल रखेंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा जब दो 2013/14 में आपदा आयी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सिर्फ एक शपथ पत्र के आधार पर प्रभावितों के नुकसान की भरपाई की, लेकिन आज की सरकार मानकों की बात कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा की मानकों में बदलाव होने चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की इस ओर कोई दिलचस्पी नहीं है, कपकोट क्षेत्र की अनदेखी क्यों कर रही हैं सरकार ? हम थराली में भी गए थे वहां पर भी बुरा हाल है, पूरा पहाड़ कराह रहा है, लोगों की आंखों में आंसू हैं, हमने मां बहनों के उदास चेहरे देखें, रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है, अगर सरकार मूकदर्शक बनी रहेगी और वोट बैंक की राजनीति करेगी तो हम चुप नहीं रहेंगे आपदा राहत सभी प्रभावितों को त्वरित रूप से मिले इसके लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे। कांग्रेस बागेश्वर चमोली,उत्तरकाशी, मसूरी, देहरादून में जहां भी आपदा से क्षति हुई है, उस क्षतिपूर्ति के लिए संघर्ष करेंगे, आंदोलन करेंगे. आपदा के दौर में मानकों का बहाना छोड़ धरातल पर मदद करने की जरूरत है।