पंचायत चुनाव के रंग

विपिन जोशी
जिला कांग्रेस कमेटी जनपद बागेश्वर के द्वारा आयोजित बैठक में उत्तराखंड प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग व उत्तराखंड प्रदेश सरकार के द्वारा कराये जा रहे पंचायत चुनावों के सम्बंधित आयोग के तुगलकी फरमान जैसा कि नगर स्थानीय निकाय निर्वाचक नामावली 2024 में नाम दर्ज होने के बावजूद पंचायत चुनाव में प्रतिभाग (नामांकन) को वैध ठहराया जा रहा हैं, जबकि यह उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम एक्ट 2016 और संशोधित एक्ट 2019 के तहत सरासर गलत व एक्ट अधिनियम के विरुद्ध हैं। परंतु राज्य सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग की हठधर्मिता के चलते बिना एक्ट अधिनियम को संशोधित किए और न ही कैबिनेट की बैठक में एक्ट को संशोधित किए बगैर राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन आयोग को एक पत्र जारी कर जनता-जनार्दन में एक तुगलकी फरमान जारी कर लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया हैं, कि प्रदेश में दो जगह नाम होने पर भी चुनाव लड़ने वाले प्रत्याक्षी का नामांकन निरस्त नही किया जायेगा और वह चुनाव लड़ सकता है।
इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक की गई और बैठक में पंचायत चुनावों में हो रही गड़बड़ी को साझा किया गया । माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय फैसले का स्वागत कर न्यायालय के प्रति विश्वास और आभार जताया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी जनपद बागेश्वर के द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, भगवत सिंह डसीला, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी जनपद बागेश्वर (उत्तराखंड)पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व प्रमुख बागेश्वर , राजेंद्र सिंह टंगड़िया, निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य, सुरेंद्र सिंह खेतवाल, प्रताप बघरी, दिनेश कुमार, प्रदेश सचिव ओबीसी विभाग कुंदन गिरी गोस्वामी, सम्मिलित रहे।