ऋग्वेद का कुमाउनी भावानुवाद : मोहन जोशी
Vipin Joshi हिन्दी साहित्य जगत में विशेष पहचान बनाने वाले उत्तराखण्ड के साहित्यकारों की जमात में शामिल हिंदी और कुमाउनी साहित्य विधा को लगातार अपनी रचनाओं से प्रफुल्लित करने वाले मधुर कंठ के धनी लेखक, शिक्षक, रंगकर्मी मोहन जोशी ने ऋग्वेद के तीन खण्डो का कुमाउनी भावानुवाद किया है। पूर्व में आपने भगवत गीता समेत…