धर्म

करवा चौथ और पहाड़ : विपिन जोशी

पहाड़ के संदर्भों को करवा चौथ कितना सार्थक रूप दे पाता है यह गंभीर सवाल है. सदी के सारे व्रत महिलाओं के पल्ले पढ़ते हैं. सोमवार, मंगल, तीज, सावन सभी व्रतों को करने का जिम्मा महिलाओं पर क्यों ? बाज़ार और मीडिया ने कुछ त्योहारों का स्वरूप व्यापार के अनुसार बदल दिया है. त्योहारों पर

सहभागिता प्रदत मंचन शुरू : विपिन जोशी

शास्त्रीय संगीत आधारित कत्यूर घाटी की प्रसिद्ध रामलीला धूम धाम के साथ आरंभ हो चुकी है. कमेटी के निर्देशक नीरज पंत इस बार रावण और दशरथ की भूमिका में नज़र आयेंगे. रंगमंच के छटे हुए कलाकारों में नीरज पंत का शुमार होता है.बचपन से ही नीरज रामलीला मंचन से जुड़े हैं, राम, सीता, अंगद, बनासुर,दशरथ

सामाजिकता की पहचान अल्मोड़ा का दशहरा : विपिन जोशी

कौमी एकता और अल्मोड़े का दशहरा विगत दो दशकों में भारत में हिंदू मुस्लिम तनाव में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि देखने को मिली है। कोविड काल के बाद तो दो संप्रदायों के बीच नफरत की खाई और अधिक फैली है। लेकिन इन तमाम उन्मादी खबरों के बीच उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक नगर अल्मोड़ा से एक अच्छी और

लोक गायन भगनौल विधा पर संकट

उत्तराखण्ड की प्राचीन लोक गायन विधा है भगनौल। सवाल-जवाब की यह गायन परंपरा सदियों से पहाड़ की वादियों में गूंजती रही है। तमाम तरह के शास्त्रीय बंधनों से मुक्त लोक जीवन की संगीत परम्परा को उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों ने अब तक जीवित रखा है। वाचिक परम्परा और तार्किकता की त्वरित शैली जब हुड़के की

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2024

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2024 तैलीहाट स्थित सत्यनारायण मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन किया गया। ग्राम सभा तैलीहाट और नव युवक मंगल दल के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन विगत वर्षो से आयोजित होता आया है। इस बार मौसम की मार भले ही पड़े हो बावजूद इसके जन्माष्टमी का उक्त आयोजन सफल रहा।

भव्य होगा कोट भ्रामरी मेला 2024

9-11 सितंबर 2024 को डंगोली, गरुड़ में आयोजित होगा उत्तराखंड का प्रसिद्ध नंदाष्टमी कोट भ्रामरी मेला। मेले की पूर्व तैयारी और समीक्षा के संदर्भ में एक बैठक 13 अगस्त 2024 को कोट भ्रामरी मंदिर प्रांगण में को गई। बैठक का संचालन मेला समिति के सदस्य देवेंद्र गोस्वामी ने किया। तहसील प्रशासन से तहसीलदार गरुड़ निशा

कावड़ यात्रा नेम प्लेट पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट ने कावड़ यात्रा रूट पर नेम प्लेट लगाने पर लगाई रोक। उत्तरप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया। जब से कावड़ यात्रा नेम प्लेट खबर मीडिया में आई देश भर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। एनडीए के सहयोगी दलों ने भी योगी सरकार के उक्त फैसले से असहमति जताते हुवे कहा कि

डॉ. रावत जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

कत्यूर रामलीला कमेटी के वरिष्ठ कोषाध्यक्ष डॉक्टर रावत जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। 21 जुलाई 2024 कत्यूर रामलीला कमेटी द्वारा आज कमेटी के वरिष्ठ कोषाध्यक्ष एवं मार्गदर्शक डॉक्टर मोहन सिंह रावत जी के आकस्मिक निधन पर उन्हें श्रद्धांसुमन एवम भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस निमित्त कमेटी के संरक्षक नंदन सिंह आलमियां की अध्यक्षता में स्व. मोहन

कावड़ यात्रा का सांप्रदायिक रंग

सैकड़ों साल से कावड़ यात्रा भक्तों के लिए अपार आस्था भरी यात्रा रही है। सावन आते ही हर तरफ भोले शंकर का जयकारा लगने लगता है। गाॅव देहात हो या शहर भोले नाथ के मंदिरों में जलाभिषेक की लंबी-लंबी कतारें दिन में और रात में भोले बाबा की बूटी और भक्ति मयी संगीत का वातावरण

फलों की कौन जाति क्या धर्म

कावड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। सावन का महीना हिंदुओं के लिए पवित्र माना जाना जाता है। भगवान भोले शंकर को जल चढ़ाते हैं। गंगा जी से जल लेकर श्रद्धालु अपने घर गांव मंदिर को पवित्र करते हैं। कावड़ यात्रा पैदल ही की जाती है। कावड़ यात्रा के प्रति सभी का सम्मान रहता है। यह

करवा चौथ और पहाड़ : विपिन जोशी

पहाड़ के संदर्भों को करवा चौथ कितना सार्थक रूप दे पाता है यह गंभीर सवाल है. सदी के सारे व्रत महिलाओं के पल्ले पढ़ते हैं. सोमवार, मंगल, तीज, सावन सभी व्रतों को करने का जिम्मा महिलाओं पर क्यों ? बाज़ार और मीडिया ने कुछ त्योहारों का स्वरूप व्यापार के अनुसार बदल दिया है. त्योहारों पर

सहभागिता प्रदत मंचन शुरू : विपिन जोशी

शास्त्रीय संगीत आधारित कत्यूर घाटी की प्रसिद्ध रामलीला धूम धाम के साथ आरंभ हो चुकी है. कमेटी के निर्देशक नीरज पंत इस बार रावण और दशरथ की भूमिका में नज़र आयेंगे. रंगमंच के छटे हुए कलाकारों में नीरज पंत का शुमार होता है.बचपन से ही नीरज रामलीला मंचन से जुड़े हैं, राम, सीता, अंगद, बनासुर,दशरथ

सामाजिकता की पहचान अल्मोड़ा का दशहरा : विपिन जोशी

कौमी एकता और अल्मोड़े का दशहरा विगत दो दशकों में भारत में हिंदू मुस्लिम तनाव में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि देखने को मिली है। कोविड काल के बाद तो दो संप्रदायों के बीच नफरत की खाई और अधिक फैली है। लेकिन इन तमाम उन्मादी खबरों के बीच उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक नगर अल्मोड़ा से एक अच्छी और

लोक गायन भगनौल विधा पर संकट

उत्तराखण्ड की प्राचीन लोक गायन विधा है भगनौल। सवाल-जवाब की यह गायन परंपरा सदियों से पहाड़ की वादियों में गूंजती रही है। तमाम तरह के शास्त्रीय बंधनों से मुक्त लोक जीवन की संगीत परम्परा को उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों ने अब तक जीवित रखा है। वाचिक परम्परा और तार्किकता की त्वरित शैली जब हुड़के की

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2024

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2024 तैलीहाट स्थित सत्यनारायण मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन किया गया। ग्राम सभा तैलीहाट और नव युवक मंगल दल के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन विगत वर्षो से आयोजित होता आया है। इस बार मौसम की मार भले ही पड़े हो बावजूद इसके जन्माष्टमी का उक्त आयोजन सफल रहा।

भव्य होगा कोट भ्रामरी मेला 2024

9-11 सितंबर 2024 को डंगोली, गरुड़ में आयोजित होगा उत्तराखंड का प्रसिद्ध नंदाष्टमी कोट भ्रामरी मेला। मेले की पूर्व तैयारी और समीक्षा के संदर्भ में एक बैठक 13 अगस्त 2024 को कोट भ्रामरी मंदिर प्रांगण में को गई। बैठक का संचालन मेला समिति के सदस्य देवेंद्र गोस्वामी ने किया। तहसील प्रशासन से तहसीलदार गरुड़ निशा

कावड़ यात्रा नेम प्लेट पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट ने कावड़ यात्रा रूट पर नेम प्लेट लगाने पर लगाई रोक। उत्तरप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया। जब से कावड़ यात्रा नेम प्लेट खबर मीडिया में आई देश भर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। एनडीए के सहयोगी दलों ने भी योगी सरकार के उक्त फैसले से असहमति जताते हुवे कहा कि

डॉ. रावत जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

कत्यूर रामलीला कमेटी के वरिष्ठ कोषाध्यक्ष डॉक्टर रावत जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। 21 जुलाई 2024 कत्यूर रामलीला कमेटी द्वारा आज कमेटी के वरिष्ठ कोषाध्यक्ष एवं मार्गदर्शक डॉक्टर मोहन सिंह रावत जी के आकस्मिक निधन पर उन्हें श्रद्धांसुमन एवम भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस निमित्त कमेटी के संरक्षक नंदन सिंह आलमियां की अध्यक्षता में स्व. मोहन

कावड़ यात्रा का सांप्रदायिक रंग

सैकड़ों साल से कावड़ यात्रा भक्तों के लिए अपार आस्था भरी यात्रा रही है। सावन आते ही हर तरफ भोले शंकर का जयकारा लगने लगता है। गाॅव देहात हो या शहर भोले नाथ के मंदिरों में जलाभिषेक की लंबी-लंबी कतारें दिन में और रात में भोले बाबा की बूटी और भक्ति मयी संगीत का वातावरण

फलों की कौन जाति क्या धर्म

कावड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। सावन का महीना हिंदुओं के लिए पवित्र माना जाना जाता है। भगवान भोले शंकर को जल चढ़ाते हैं। गंगा जी से जल लेकर श्रद्धालु अपने घर गांव मंदिर को पवित्र करते हैं। कावड़ यात्रा पैदल ही की जाती है। कावड़ यात्रा के प्रति सभी का सम्मान रहता है। यह