खेल खेल में…
सोशल मीडिया पर व्यंग्य या जमीनी हकीकत: श्मशान घाट को ही बना दिया खेल का मैदान?
सोमेश्वर/उत्तराखण्ड:
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पहाड़ी क्षेत्रों में खेल बुनियादी ढांचे की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के एक श्मशान घाट पर बच्चे सीमेंट के शवदाह मंच (दाह संस्कार स्थल) को टेबल टेनिस बोर्ड बनाकर खेलते दिखाई दे रहे हैं। स्वर स्वतंत्र न्यूज़ वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
इस वीडियो को साझा करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य पर तंज कसा जा रहा है। वीडियो पर लिखे कटाक्ष में कहा गया है कि खेल मंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र के श्मशान घाट में बच्चों के लिए टेबल टेनिस कोर्ट बनाकर इतिहास रच दिया है।
रवि मेहता, जिला शिक्षाधिकारी अल्मोड़ा ने कहाँ कि जिले के राजकीय विद्यालयों में खेल अवस्थापना को लेकर पर्याप्त सुविधाएं हैं। जीआईसी सोमेश्वर में भी टेबल टेनिस खेलने की सुविधा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वीडियो को विद्यालय में खेल सुविधाओं के अभाव से जोड़कर प्रसारित करना उचित नहीं है।”
अब जनता कहने लगी है बुनियादी सुविधाओं का अभाव है या प्रशासनिक उपेक्षा?
यह वायरल वीडियो सिर्फ एक राजनीतिक चुटकी या सोशल मीडिया का व्यंग्य भर नहीं है, बल्कि यह पहाड़ी इलाकों में बच्चों के लिए खेल के मैदान और बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी का जिंदा प्रमाण है।
खेल मैदानों की कमी: युवाओं और बच्चों के पास खेलने के लिए उपयुक्त जगह और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, जिसके चलते वे ऐसी जगहों पर खेलने को मजबूर हैं।
संवेदनशीलता और सुरक्षा पर सवाल: श्मशान घाट जैसी जगह पर बच्चों का खेलना न केवल स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से अनुचित है, बल्कि यह प्रशासन के दावों पर भी बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
दावों और धरातल का अंतर: एक तरफ प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचा मजबूत करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर नौनिहालों को शवदाह गृह की वेदियों पर टेबल टेनिस खेलने का रास्ता तलाशना पड़ रहा है।
जनता का कहना है कि सरकार और खेल विभाग को सोशल मीडिया के व्यंग्य से इतर इस स्थिति की गंभीरता को समझना होगा। पहाड़ी क्षेत्रों में जल्द से जल्द खेल मैदानों और उचित खेल संसाधनों का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए सुरक्षित और सही मंच मिल सके।
(रिपोर्ट: स्वर स्वतंत्र न्यूज)


















