विपिन जोशी…
मानसून की पहली धमक से गरुड़ में तबाही: भूस्खलन में दबीं 11 बकरियां, उफान पर नदिया।
मानसून सीजन की अभी शुरुआत ही हुई है कि बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी अब बिल्कुल सटीक साबित हो रही है। कल शाम हुई मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियां, गोमती और गरुड़ गंगा, अचानक उफान पर आ गईं। नदियों के तीव्र प्रवाह के कारण तैलीहाट स्वजल परियोजना के पाइप एक बार फिर बह गए हैं, जिससे गांव में पेयजल का संकट गहरा गया है ।
बारिश के चलते सुराग क्षेत्र में बीते शुक्रवार को एक बड़ा भूस्खलन हुआ। इस हादसे में स्थानीय निवासी जानकी देवी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। भूस्खलन के मलबे में उनकी 11 बकरियां जिंदा समा गईं। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया, जिसके बाद अब तक केवल एक बकरी को मृत अवस्था में बरामद किया जा सका है। आपदा के बाद पीड़ित जानकी देवी पूरी तरह टूट चुकी हैं, क्योंकि ये बकरियां ही उनके रोजगार और आजीविका का एकमात्र सहारा थीं। अब उन्हें प्रशासन से उचित मुआवजे और राहत की उम्मीद है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार निशा रानी ने बताया कि प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी उन्होंने कहा: “प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है। फिलहाल किसी अन्य बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है। हमारी टीम मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लेगी, जांच पूरी होने के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।”
स्थानीय निवासी डी के जोशी ने कहा कि यह आपदा का संकेत है , जानकी देवी को राहत मिले इसके लिए प्रशासन से बात चल रही है आज तहसील प्रशासन मौके पर पहुँच कर स्थिति का जायजा लेगा।


















