विपिन जोशी…
जिला प्राथमिक शिक्षक संगठन बागेश्वर ने जिलाधिकारी से की मुलाकात; समय-सारणी और भुगतान समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति।
बागेश्वर। जनपद के प्राथमिक शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु जिला प्राथमिक शिक्षक संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने, 29 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी बागेश्वर से शिष्टाचार भेंट की। इस वार्ता के दौरान संगठन ने शिक्षकों को जनगणना में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और लंबित देयकों को लेकर विस्तार से चर्चा की, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

शिक्षकों ने कुछ मुख्य मांगों को उठाया।
विद्यालय समय-सारणी में परिवर्तन की मांग
संगठन ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और वर्तमान में बढ़ती अत्यधिक गर्मी के कारण स्कूली बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती धूप और लंबी दूरी तय करने वाले छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए समय-सारणी में बदलाव की मांग की गई। जिलाधिकारी ने संगठन के तर्कों को जायज मानते हुए भरोसा दिलाया कि समय-सारणी में अविलंब परिवर्तन किया जाएगा।
शिक्षकों ने जोर देते हुए कहा कि जनगणना कार्य में व्यावहारिक बाधाएं भी आ रही हैं। शिक्षकों द्वारा वर्तमान में स्कूल के साथ-साथ जनगणना (सर्वेक्षण) का कार्य भी किया जा रहा है। संगठन ने बताया कि अवकाश के बाद घर-घर जाकर सर्वे करने में कई व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं, जिससे शिक्षकों पर अतिरिक्त मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है। न्यूनतम मानदेय में जनगणना जैसा कठिन कार्य शिक्षक कर रहे हैं । जिलाधिकारी ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए संगठन को विश्वास दिलाया कि इस संबंध में जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।
संगठन ने दैवीय आपदा मद के अंतर्गत रुके हुए भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। अवगत कराया गया कि थर्ड पार्टी सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद अभी तक भुगतान लंबित है। जिलाधिकारी ने विभाग को निर्देशित करते हुए आश्वस्त किया कि सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर तुरंत भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्राथमिक शिक्षक संगठन की ओर से मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
दीपक सिंह रावत , जिलाध्यक्ष,नवीन चंद मिश्रा, जिला मंत्री, भूपाल सिंह, महामंत्री (ब्लॉक गरुड़)
संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के सकारात्मक आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया है। शिक्षकों का मानना है कि इन निर्णयों से न केवल शिक्षण कार्य सुगम होगा, बल्कि जनपद की विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे शिक्षकों का मनोबल भी बढ़ेगा।


















