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बागेश्वर की बेटियों ने रचा इतिहास

बागेश्वर का नाम किया रोशन गीतिका बनी टापर

विपिन जोशी
उत्तराखंड के लिए एक गौरवशाली क्षण है! बागेश्वर जिले की इस अभूतपूर्व सफलता के वाहकों को स्वर स्वतंत्र हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता है । बागेश्वर जिले के सैज तहसील रोड निवासी गीतिका पंत सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज चौरासी की छात्रा है, जिन्होंने इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 98% अंक हासिल कर उत्तराखंड में टॉप किया है। गीतिका की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके अंकों तक सीमित है ,बल्कि यह उनकी संघर्ष समर्पण और परिवार के त्याग की भावुक कहानी को भी सांझा करती है।
सफलता का ‘शिखर’: बागेश्वर की बेटियों ने रचा इतिहास, प्रदेश में जिले का बजा डंका!

बागेश्वर का गौरव नहीं गीतिका पंत
गीतिका ने रचा जिले में इतिहास

बागेश्वर:कहते हैं कि हौसलों में उड़ान हो तो पहाड़ की ऊंचाइयां भी छोटी लगने लगती हैं। उत्तराखंड बोर्ड (UBSE) के परीक्षा परिणामों में बागेश्वर जिले ने एक बार फिर यह साबित कर दिखाया है। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी धाक जमाते हुए बागेश्वर न केवल पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा, बल्कि जिले की बेटियों ने मेरिट लिस्ट में शीर्ष स्थान हासिल कर कामयाबी की नई इबारत लिख दी है।
बताते चले गीतिका के पिता चंद्रशेखर पंत एक साधारण टैक्सी चालक है, जो दिन रात मेहनत कर परिवार का पालन पोषण करते हैं ,जबकि गीतिका की मां रितिका गृहणी है। बताते चलें गीतिका इससे पहले हाईस्कूल मे 97.6% के साथ जिला टॉपर रह चुकी है। गीतिका की इस विशेष उपलब्धि के बाद से उन्हें लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

गीतिका पंत: प्रदेश की नई टॉपर
इंटरमीडिएट की परीक्षा में बागेश्वर की गीतिका पंत ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गीतिका की इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, तो प्रदेश की सर्वोच्च चोटी पर पहुंचा जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा जिला गौरवान्वित है।
खुशी कांडपाल ने बढ़ाया मान
सफलता का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। कांडा स्थित जीजीआईसी (GGIC) की छात्रा खुशी कांडपाल ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश की मेरिट सूची में पांचवां स्थान हासिल किया है। खुशी की यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है।
क्यों खास है बागेश्वर का यह प्रदर्शन?
सामूहिक सफलता: व्यक्तिगत टॉपर्स के साथ-साथ, जिले का ओवरऑल रिजल्ट पूरे उत्तराखंड में सर्वश्रेष्ठ रहा।
महिला सशक्तिकरण का उदाहरण: टॉप पदों पर बेटियों का दबदबा यह दर्शाता है कि पहाड़ की बेटियां हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
प्रेरणा का स्रोत: यह परिणाम उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण है जो छोटे कस्बों से बड़े सपने देखते हैं।
इन बेटियों की सफलता कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प का परिणाम है। बागेश्वर ने आज पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है।”
हर्ष का माहौल
छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि पर शिक्षकों, अभिभावकों और जिला प्रशासन ने खुशी जाहिर की है। स्कूलों में मिठाई बांटी जा रही है और हर तरफ इन ‘पहाड़ की चमकती कड़ियों’ की चर्चा है। जिला प्रशासन ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे जिले के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया है।
बागेश्वर का यह प्रदर्शन हमें सिखाता है कि सफलता के लिए सुविधाओं से ज्यादा ‘संकल्प’ की आवश्यकता होती है। आज पूरा उत्तराखंड इन बेटियों की मेहनत को सलाम कर रहा है!

बागेश्वर का नाम किया रोशन गीतिका बनी टापर
बागेश्वर की टापर

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