विपिन जोशी
पूर्व मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित कनलगढ़ घाटी का लिया जायजा, गरुड़ में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के आंदोलन को दिया समर्थन।
कपकोट/गरुड़।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता हरीश रावत ने शनिवार को बागेश्वर जिले के कपकोट और गरुड़ क्षेत्रों का सघन दौरा कर स्थानीय जन-समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उनके इस दौरे से क्षेत्र की राजनीतिक हलचल के साथ-साथ आपदा प्रभावितों की उम्मीदें भी जाग गई हैं।
कनलगढ़ घाटी में आपदा का दर्द साझा किया
तय कार्यक्रम के मुताबिक, हरीश रावत सुबह 11 बजे मेला डूंगरी हेलीपैड पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके तुरंत बाद वे पौसारी, वैशानी और कनलगढ़ घाटी के उन दुर्गम क्षेत्रों में पहुँचे, जो पिछली आपदा की मार झेल रहे हैं। रावत ने प्रभावित परिवारों के बीच बैठकर उनकी पीड़ा सुनी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से राहत और पुनर्वास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जाहिर की और सरकार से मांग की कि प्रभावितों को कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर जल्द से जल्द मदद दी जाए।

गरुड़ में गूँजी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की आवाज़
दौरे के अगले पड़ाव में पूर्व मुख्यमंत्री गरुड़ पहुँचे। यहाँ उन्होंने पिछले कई दिनों से हड़ताल पर बैठी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के धरना स्थल पर जाकर अपना समर्थन दिया। कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर रावत को ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर हरीश रावत ने तीखे लहजे में कहा:
“आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हमारे प्रदेश की आधारभूत सेवाओं की रीढ़ हैं। स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक में अहम भूमिका निभाने वाली इन बहनों को सड़कों पर बैठना पड़े, यह प्रदेश सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इनकी मांगें जायज हैं और सरकार को तुरंत समाधान निकालना चाहिए।”
हरीश रावत के इस दौरे ने न केवल प्रशासन को सतर्क किया है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी इसे अहम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह एक बड़ा अवसर था जब उन्होंने सीधे पूर्व मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याओं को रखा।


















