भीमताल के ज्यालिकोट में दूषित पानी से फैला पीलिया और टाइफाइड का प्रकोप, स्कूलों में छुट्टी की मांग
भीमताल/ज्यालिकोट (स्वर स्वतंत्र रिपोर्ट): विकास खंड भीमताल के ज्यालिकोट और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण जलजनित बीमारियों का गंभीर प्रकोप फैल गया है। उप ग्राम प्रधान मनोज सिंह बरगली ने ब्लॉक प्रमुख को पत्र सौंपकर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे पीलिया और टाइफाइड के मामलों पर गहरी चिंता जताई है और प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों में अस्थायी अवकाश घोषित करने की मांग की है।
पत्र के अनुसार, क्षेत्र में रोजाना पीलिया (जॉन्डिस) और टाइफाइड के नए मामले सामने आ रहे हैं। बच्चों और युवाओं की स्थिति सबसे अधिक प्रभावित है। कई मरीज स्थानीय अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
अभिभावक घर पर तो बच्चों को पानी उबालकर दे रहे हैं, लेकिन स्कूल समय के दौरान बच्चे परिसरों में उपलब्ध दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इसके चलते स्कूली बच्चों के बीमार होने की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति भी तेजी से घट रही है। उप ग्राम प्रधान ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों, आंगनबाड़ियों और प्राथमिक पाठशालाओं में कुछ दिनों के अवकाश की सिफारिश की है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
हीरा वल्लभ भट्ट राजकीय इंटर कॉलेज, सेंट एंथोनी कॉन्वेंट स्कूल, जूनियर स्कूल गांजा, हिमालया एकेडमी गांजा, आसपास के समस्त आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राइमरी पाठशालाएं
ज्योलीकोट क्षेत्र में पीलिया फैलने के बाद दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, पेट से जुड़ी बीमारियों के चलते दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती 16 वर्षीय रितेश जीना ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि ज्योलीकोट निवासी 26 वर्षीय नीमा जोशी की बरेली में मौत हो गई।
नैनीताल के ज्योलीकोट क्षेत्र में जून माह में डायरिया, उल्टी-दस्त और टाइफाइड के मामले एक के बाद एक सामने आने लगे थे। ग्रामीणों ने दूषित पेयजल सप्लाई होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक स्कूल समेत कई गांवों से सैंपल जुटाए थे। जांच रिपोर्ट में सब सही मिला। उधर, ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों से लोग डायरिया और पीलिया से ग्रसित होने लगे। गांजा सड़ियाताल के रितेश को 18 अगस्त से टाइफाइड, उल्टी-दस्त की शिकायत थी। उसका उपचार चल रहा था, लेकिन 28 अगस्त को हालत गंभीर होने पर उसे हल्द्वानी के कई निजी अस्पतालों में ले जाया गया। वहां से दिल्ली स्थित आईएलबीएस अस्पताल और एम्स के लिए रेफर किया गया, जहां लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई। चचेरे भाई रोहित ने बताया कि रितेश को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। रितेश 11वीं का छात्र था। उधर, ज्योलीकोट क्षेत्र की नीमा जोशी को भी लीवर इंफेक्शन और पीलिया के बाद बरेली राममूर्ति अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
डॉ. रश्मि पंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल ने कहा कि “ज्योलीकोट क्षेत्र के दो लोगों की मौत की जानकारी मिली है। मौत की वजह पीलिया है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए डॉक्टरों की टीम से दोनों की रिपोर्टों की जांच करने को कहा है।”

















