चिराग तले अंधेरा! गैस गोदाम के ठीक सामने ग्रामीणों के बुकिंग के बाद भी चूल्हे ठंडे!
“अगर सब कुछ ठीक है, तो फिर गैस गोदाम की नाक के नीचे ग्रामीण परेशान क्यों हैं? क्यों बुकिंग के हफ़्तों बाद भी गरीब की रसोई तक सिलेंडर नहीं पहुँच रहा? आखिर इंडेन गैस एजेंसी के दावों और हकीकत के बीच ये कैसा खेल चल रहा है?”
कहते हैं चिराग के नीचे हमेशा अंधेरा होता है, और यह कहावत आज गरुड़ के इंडेन गैस एजेंसी पर सटीक बैठती है। तहसील गरुड़ के उन गांवों में आज चूल्हे ठंडे होने की नौबत आ गई है, जो गैस गोदाम के बिल्कुल करीब हैं। मालदेव और सिटोली के ग्रामीण ईधन के लिए मोहताज हो रहे हैं, क्योंकि उनके पास खाना पकाने के लिए ईंधन ही नहीं है।
उक्त मामले पर वैभव कांडपाल एसडीएम गरुड़ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दूरभाष पर बताया कि डी एस ओ बागेश्वर से मालदे में गैससप्लाई सुचारू करने के संबंध में बात की जा रही है। जल्द निकटवर्ती ग्राम में गैस सप्लाई की जाएगी।
ग्रामीण दिनेश सिंह ने तीखे सवाल करते हुए पूछा सवाल जब सिलेंडर स्टॉक में है, तो बुकिंग के कई दिन बाद भी डिलीवरी क्यों नहीं? सिटोली और मालदेव जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बुजुर्ग क्या अब कंधे पर खाली सिलेंडर ढोकर बाजार के चक्कर काटेंगे?ग्राम प्रधान कविता नेगी – ग्रामीणों के बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन और एजेंसी मौन क्यों है? आख़िर गांव वाले कहाँ जाए सिलेंडर लेकर
ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। स्थानीय निवासी पूरन सिंह का कहना है कि एजेंसी के पास स्थित होने के बावजूद इन गांवों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है। बुकिंग है लेकिन सिलेंडर का कहीं अता-पता नहीं। एजेंसी अधिकारी और प्रशासन सब कुछ ठीक है कह कर पल्ला झाड़ रहा है, ग्रामीणों को केवल चक्कर कटवा रहे हैं।





