गरुड़ में ‘नशे‘ का खेल : क्या सो रही है बैजनाथ पुलिस? वरिष्ठ पत्रकार ने उठाए तीखे सवाल
गरुड़ (बागेश्वर): देवभूमि के शांत गरुड़ क्षेत्र में इन दिनों अराजक तत्वों और शराबियों का बोलबाला है। गरुड़ बाजार, पुराना बाजारऔर लाल पुल क्षेत्र में शराबियों के बढ़ते आतंक ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। वरिष्ठ पत्रकार हरीश जोशी ने पुलिसप्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए क्षेत्र की बदहाल कानून व्यवस्था की पोल खोली है।
चाय–चाट की दुकानें बनीं ‘मयखाने‘
पत्रकार हरीश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में स्थित चाय और चाट के ढाबे इन दिनों शराबियों के प्रमुख अड्डे बन चुकेहैं। सरेआम भद्दी गालियां, शोर–शराबा और हुड़दंग से पूरे बाजार का माहौल दूषित हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरुड़में पुलिस व्यवस्था नाम की कोई चीज नजर नहीं आ रही है।
VVIP क्षेत्र में भी प्रशासन पस्त
हैरानी की बात यह है कि जिस क्षेत्र में हुड़दंग हो रहा है, वहां:
* क्षेत्र का प्रसिद्ध पब्लिक स्कूल स्थित है, जहां बच्चों का आना–जाना लगा रहता है।
* पूर्व विधायक का आवास भी इसी क्षेत्र में है।
इतने संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। पत्रकार जोशी ने पूछा कि क्या प्रशासन तभीजागेगा जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाएगी?
जनप्रतिनिधियों की ‘चुप्पी‘ पर प्रहार करते हुए
वरिष्ठ पत्रकार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए पूछा—
“क्या हमारे जन प्रतिनिधि सिर्फ मंचीय गुलदस्ते बनकर रह गए हैं या वे जिम्मेदार जनसेवक भी हैं? जनता की इस पीड़ा पर उनकीचुप्पी आखिर क्यों है?”
स्थानीय निवासियों और पत्रकार ने कोतवाली बैजनाथ पुलिस से निम्नलिखित मांगें की हैं:
* गरुड़ बाजार और लाल पुल क्षेत्र में नियमित और सरप्राइज गश्त बढ़ाई जाए।
* शराबियों के अड्डों में तब्दील हो चुके ढाबों पर कड़ी छापेमारी की जाए।
* सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों और हुड़दंगियों पर नकेल कसी जाए।
पूछती है जनता क्या गरुड़ ‘वैध नशे‘ का हब बनता जा रहा है? सरकार के नशे के खिलाफ बड़े–बड़े दावों की हकीकत गरुड़ कीगलियों में दम तोड़ती नजर आ रही है। अब देखना यह है कि कोतवाली बैजनाथ पुलिस इस पर क्या संज्ञान लेती है या जनता इसीतरह नरकीय माहौल में रहने को मजबूर रहेगी।
विपिन जोशी, संपादक स्वर स्वतंत्र




