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40 दिन के कीट पालन से 20 हजार तक कमाने की राह

दुदिला में ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान’ कार्यशाला: 40 दिन के कीट पालन से 20 हजार तक कमाने की राह

​गरुड़ (बागेश्वर): केंद्रीय रेशम बोर्ड (वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार) के तत्वाधान में चलाए जा रहे ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान’ जागरूकता अभियान के तहत विकास खंड गरुड़ के दुदिला गाँव में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में रेशम विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शहतूत रोपण, रेशम कीट पालन और तकनीकी बारीकियों की जानकारी देते हुए स्वरोजगार से जुड़ने का आह्वान किया।

रेशम कीट पालन से जुड़ते गरुड़ के किसान
रेशम कीट पालन से जुड़ते गरुड़ के किसान

​कार्यक्रम में जिला प्रभारी ब्रजेश रतूड़ी ने बताया कि किसान पारंपरिक खेती के साथ रेशम उत्पादन को अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष में दो बार 20-20 दिनों का कीट पालन कर किसान मात्र 40 दिनों की मेहनत में 20 हजार रुपये तक की वार्षिक अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। मिश्रित खेती के साथ रेशम उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

​डॉ. विक्रम कुमार ने कहा कि केंद्रीय रेशम बोर्ड का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

​वहीं, अधिकारी के. एस. चौहान ने व्यावहारिक जानकारियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शहतूत का पौधा किसी भी स्थान पर आसानी से उग जाता है। रोपण के बाद मात्र 20 दिनों में पहली फसल प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं घर के दैनिक कार्यों के साथ-साथ या समूह बनाकर वृक्षारोपण कर इस व्यवसाय से जुड़ सकती हैं। दुदिला गाँव में अब तक तीन बार सफलता पूर्वक रेशम का उत्पादन लिया जा चुका है। कीट पालन के दौरान समय पर पत्तियां देना, उचित तापमान बनाए रखना और स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है।

​गरुड़ ब्लॉक प्रभारी स्नेहा ने बताया कि वर्तमान में गरुड़ विकास खंड की 10 ग्राम सभाओं के 101 कीट पालक रेशम उत्पादन से जुड़े हुए हैं और आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों को चरणबद्ध तरीके से शहतूत रोपण से लेकर कीट पालन तक की तकनीकी प्रक्रियाओं से अवगत कराना है।

कार्यशाला में दुदिला की ग्राम प्रधान बसंती देवी, नरेश कुमार आर्या, सुनीता देवी, दीवानी देवी, बीना देवी, मुन्नी देवी, धना देवी, पूजा देवी, सपना आर्या, सचिन कुमार और बसंत कुमार सहित कई स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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