बागेश्वर जिला पंचायत में विकास कार्य ठप, इंजीनियर और EMA के बिना भगवान भरोसे व्यवस्था!
बागेश्वर: उत्तराखंड का बागेश्वर जिला पंचायत इन दिनों गंभीर प्रशासनिक संकट से जूझ रहा है। आलम यह है कि बिना इंजीनियर और बिना कार्यकारी अनुरक्षण एजेंसी के विभाग का संचालन हो रहा है, जिसके चलते जिले के तमाम विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हुए हैं।
बागेश्वर जनपद में 14 जिला पंचायत सदस्यों ने चुनाव के दौरान अपने समर्थकों से विकास के खूब वादे किए लेकिन जिला प्रशासन और पंचायत की ढुलमुल नीतियों के चलते जिला पंचायत स्तर पर विकास कार्य ठप पड़े हैं ।

बलवंत सिंह नेगी,जिला पंचायत सदस्य कौसानी ने बताया कि पूर्व में तैनात ईएमए अनिल जोशी का स्थानांतरण चंपावत होने के बाद से यह पद खाली पड़ा है। साथ ही, इंजीनियर की तैनाती न होने से विकास कार्यों की फाइलें धूल फांक रही हैं।
तकनीकी अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण नए कार्यों के टेंडर, एस्टीमेट और चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कार्य पूरी तरह बंद है। स्थानीय जनता का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति को देखने या पूछने वाला कोई नहीं है, जिससे आम नागरिक परेशान
जिला पंचायत के सदस्यों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जाहिर की है।

भास्कर बोरा, जिला पंचायत सदस्य अना, बागेश्वर जिला पंचायत पहले ही 6 महीने पीछे चल रही है अन्य जिला पंचायत से, उस पर जिला पंचायत में पद रिक्त होने से बिल रुके हैं। विकास कार्य तब तक नहीं हो सकते हैं जब तक पद ना भरे जाए, सभी सदस्य परेशान हैं ऐसा लग रहा है जिला पंचायत अनाथ हो गई हैं।
यदि शासन द्वारा जल्द ही बागेश्वर जिला पंचायत में स्थाई रूप से ईएमए और इंजीनियर की तैनाती नहीं की गई, तो जिला पंचायत सदस्य आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए रिक्त पद तुरंत भरे जाए ।
अब देखना यह होगा कि शासन इस ओर कब तक संज्ञान लेता है और कब बागेश्वर जिला पंचायत को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है।


















