विपिन जोशी
गरुड़: पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में गूंजीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याएं, गोल्डन कार्ड और जीपीएफ भुगतान पर जताई चिंता
गरुड़ (बागेश्वर)
उत्तराखंड पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (शाखा गरुड़) की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 24 मई को टोनीखेत स्थित जनमिलन केंद्र (रामलीला भवन) में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में पहुंचे सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पेंशन विसंगतियों, गोल्डन कार्ड की खामियों और लंबित देयों को लेकर विस्तृत मंथन हुआ, जिसके बाद सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में संगठन को धरातल पर और अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति तय की गई।
कार्यकारिणी सदस्य नंदन सिंह अलमिया ने कहा, “सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए संगठन को और अधिक सुगठित व व्यवस्थित करना होगा।” इसके लिए विभागीय स्तर पर पैरवी तेज करने और संगठन का एक त्वरित कार्यदल (छोटा रूप) तैयार करने पर आम सहमति बनी।
गोल्डन कार्ड से कटौतियां बंद हों, इलाज की व्यवस्था सुधरे: उमेद सिंह रावत
पेंशनर्स के लिए जी का जंजाल बनी राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) को लेकर बैठक में तीखे सुर उभरे। एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेद सिंह रावत ने कहा कि गोल्डन कार्ड के नाम पर हो रही भारी कटौतियों से बुजुर्ग कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि:
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से गोल्डन कार्ड की कटौती तत्काल बंद की जाए।
अस्पतालों में मिलने वाली उपचार सुविधाओं को कैशलेस और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि वृद्ध काश्तकारों/कर्मचारियों को समय पर इलाज मिल सके।

पेंशन कटौती की अवधि 15 से घटकर 10 वर्ष करने की मांग: सुरेंद्र वर्मा
एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र वर्मा ने पेंशनर्स के वित्तीय हितों की पुरजोर वकालत करते हुए दो प्रमुख मांगें रखीं:
1. पेंशन कम्यूटेशन (कटौती) की अवधि घटे: सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन कटौती की समय-सीमा को 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष किया जाए, क्योंकि लंबी अवधि तक कटौती होने से बुजुर्गों को जीवनयापन में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
2. गोल्डन कार्ड का दोबारा मिले मौका: जो पेंशनर्स किसी तकनीकी या व्यक्तिगत कारणवश पूर्व में गोल्डन कार्ड का विकल्प नहीं चुन पाए थे, उन्हें इस कल्याणकारी योजना से जोड़ने के लिए एक और अंतिम अवसर (विंडो) दिया जाना चाहिए।
बैठक में राज्य निगमों से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लंबित जीपीएफ (GPF) और पेंशन प्रकरणों के भुगतान में हो रही देरी पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि सालों से अटके इन मामलों का अविलंब निपटारा कर बुजुर्गों का हक उन्हें तुरंत सौंपा जाए।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण विमर्श में अध्यक्ष उमेद सिंह रावत, उपाध्यक्ष नारायण सिंह मेहरा, कोषाध्यक्ष हरीश पुरोहित, सचिव सुरेंद्र वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य नंदन सिंह अलमिया, रतन सिंह खड़ाई, मोहन सिंह बिष्ट, हरीश सिंह भयेरा, लक्ष्मी दत्त खोलिया, मंजू वर्मा और चंदन लाल सहित क्षेत्र के दर्जनों वरिष्ठ पेंशनर्स उपस्थित रहे।


















